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नेहरू मेडिकल कॉलेज में फार्मासिस्ट नहीं दे रहे गर्भवतियों को दवाई

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स्टॉक में दवाई के बावजूद कर दिया मना
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नेहरू मेडिकल कॉलेज में फार्मासिस्ट ने गर्भवती को नहीं दी दवाई
महिला ने डीसी से की शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा में गर्भवती महिलाओं को मुफ्त दवाइयां नहीं मिल रही हैं। डिस्पेंसरी में तैनात फार्मासिस्ट गर्भवती महिलाओं को बिना दवाई दिए बैरंग लौटा रहे हैं। इसकी वजह से गर्भवती महिलाओं को बाजार से पैसे देकर दवाइयां लेनी पड़ रही हैं। हालांकि, सरकार की ओर से गर्भवती महिलाओं के नवजात का एक साल तक मुफ्त इलाज का प्रावधान किया गया है लेकिन चंबा में गर्भवतियों को इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसा नहीं है कि सरकार द्वारा चंबा में मुफ्त दवाइयां उपलब्ध नहीं करवाई गई हों। डॉक्टर भी दवाइयां लिख रहे हैं, लेकिन डिस्पेंसरी में तैनात फार्मासिस्ट मरीजों को दवाई देने में आनाकानी कर रहे हैं।
ऐसा ही वाक्या वीरवार को देखने को मिला, जब एक गर्भवती महिला डॉक्टर से जांच करवाने के बाद दवाई लेने के लिए डिस्पेंसरी पहुंची। महिला ने दवाई लेने के लिए फार्मासिस्ट को अपनी पर्ची दी। पर्ची में छह दवाइयां लिखी हुई थीं लेकिन फार्मासिस्ट ने महिला को मात्र दो दवाइयां ही दीं, जबकि पर्ची में सभी दवाइयों को राइट टिक कर दिया। जब महिला ने फार्मासिस्ट से पर्ची में लिखी अन्य दवाइयों के बारे में पूछा तो फार्मासिस्ट ने बोला कि ये दवाइयां अस्पताल में मौजूद नहीं हैं। उन्हें दवाइयां बाहर से लेनी होंगी। महिला ने 382 रुपये की दवाई बाहर से खरीदी। दवाई खरीदने के बाद महिला और उसके परिजन अपनी शिकायत को लेकर उपायुक्त के पास पहुंच गए। उन्होंने अपनी सारी कहानी उपायुक्त को बताई। डीसी ने चिकित्सा अधीक्षक और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को मामले की जांच करने को कहा। शुक्रवार को उपायुक्त स्वयं मामले की जांच करने के लिए अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने संबंधित फार्मासिस्ट, चिकित्सा अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी और शिकायतकर्ता को एक साथ बुलाकर मामले की जांच की। इस दौरान उन्होंने संबंधित फार्मासिस्ट की क्लास ली। साथ ही हिदायत दी कि दोबारा इस प्रकार की शिकायत मिलने पर उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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फार्मासिस्ट को दी गई है हिदायत : डीसी
जिलाधीश हरीकेश मीणा ने बताया कि उनके पास बाहर से अस्पताल के फार्मासिस्ट को लेकर एक शिकायत आई थी। इसको लेकर जांच की गई। फार्मासिस्ट को हिदायत दे दी गई है कि दोबारा उसकी शिकायत मिली तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
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दवाई न देने वाले फार्मासिस्ट के खिलाफ होगी कार्रवाई : डॉ. ओहरी
मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉक्टर अनिल ओहरी ने बताया कि उनके ध्यान में यह मामला नहीं है। अगर कोई फार्मासिस्ट गर्भवती महिलाओं को दवाई नहीं दे रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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