चंबा। आरडी खुलवाकर कंपनी बंद करने और रकम वापस न लौटाने पर जिला उपभोक्ता आयोग ने कंपनी को 18,000 रुपये की राशि सात प्रतिशत ब्याज दर के साथ ग्राहक को देने का आदेश दिया है। साथ ही 2,500 रुपये अदालती शुल्क और 2,500 रुपये का मुआवजा देने को भी कहा है।
जानकारी के अनुसार पीड़ित राकेश कुमार शर्मा निवासी खुराड़ा ने बताया कि उन्होंने संचय निधि लिमिटेड में 3 जून 2022 से खाता संख्या 00528 के माध्यम से 36 महीने की अवधि के लिए 2,000 रुपये प्रति माह का आरडी का खाता खोला था। जून 2022 से फरवरी 2023 तक नियमित रूप से किस्तें जमा कीं। फरवरी 2023 के बाद कंपनी ने अपना व्यवसाय समेट लिया और कंपनी को बंद कर दिया। इस कारण वह आगे की किस्तें जमा नहीं कर सके। पीड़ित ने बताया कि उन्होंने कंपनी से बार-बार संपर्क किया और जमा की गई 18,000 रुपये की राशि ब्याज सहित वापस करने का आग्रह किया, लेकिन कंपनी के अधिकारी और प्रतिनिधि मामले को टालते रहे। कहीं से भी न्याय न मिलता देख उन्होंने जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग धर्मशाला/चंबा का दरवाजा खटखटाया। साथ ही समस्त दस्तावेज और सबूत भी पेश किए। अब उपभोक्ता विवाद निवारण कमीशन धर्मशाला/चंबा के अध्यक्ष हिमांशु मिश्रा की अदालत ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया है।