अमर उजाला ब्यूरो
किहार (चंबा)। डांड स्कूल में चल रहे अभिभावकों और स्कूली बच्चों के आंदोलन को शांत करवाने के लिए अभी तक कोई अधिकारी नहीं पहुंचा है। इसके चलते अभिभावकों और स्कूली बच्चों में रोष बढ़ता जा रहा है। स्थिति ऐसी है कि पिछले चार दिनों से स्कूली बच्चे कक्षाओं का बहिष्कार कर रहे हैं। अध्यापकों की कमी से जूझ रहे स्कूलों में अध्यापकों की तैनाती की मांग कर रहे है। अध्यापकों की कमी से इस बार बोर्ड परीक्षाओं का रिजल्ट भी प्रभावित हुआ है।
इस कारण स्कूली बच्चों और अभिभावकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले को लेकर सोमवार केे स्कूल प्रबंधन समिति के पदाधिकारी और अभिभावक एसडीएम सलूणी से भी मिले है। लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हो पाई है। सोमवार को भी अभिभावकों ने अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा था। जबकि मंगलवार को छुट्टी रही। पिछले चार दिनों से अध्यापक स्कूल में कार्यरत हैं वे रोजाना बच्चों को पढ़ाने के लिए स्कूल पहुंच रहे हैं। लेकिन बच्चे पढ़ाई करने के लिए स्कूल नहीं आ रहे हैं।
अभिभावकों का कहना है कि अगर स्कूल भेजने के बाद भी बच्चों का वार्षिक परीक्षा परिणाम खराब आ रहा है तो बच्चों को स्कूल में भेजने का कोई फायदा नहीं है। स्कूल प्रबंधन समिति अध्यक्ष भोला राम, अभिभावक देविंद्र कुमार, सोनू, अशोक कुमार, बशीर मोहम्मद, संतोष कुमार, सुरेश कुमार और अजय कुमार ने बताया कि सरकार ने डांड में कहने के लिए मॉडर्न स्कूल तो खोल रखा है। लेकिन यहां अध्यापकों की तैनाती तक नहीं की है।
इस कारण यहां बच्चों को भविष्य अंधकार की ओर अग्रसर है। अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्यों ने साफ कहा है कि शुक्रवार तक स्कूल में अध्यापकों की व्यवस्था नहीं की गई तो सभी अभिभावक अन्य ग्रामीणों के साथ सड़कों पर धरना प्रदर्शन करने के लिए उतर जाएंगे। इसके बाद जो भी परिस्थिति पैदा होगी, उसकी जिम्मेवारी सरकार और विभाग की होगी। उच्च शिक्षा उपनिदेशक चंबा देवेंद्र पॉल ने बताया कि यह मामला ध्यान में है। उन्होंने कहा कि इस बारे में निदेशालय को अवगत करवा दिया गया है। जल्द ही विभाग के कार्यालय से कर्मचारी डांड स्कूल भेजें जाएंगे।