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सलूणी-किलोड़ मार्ग बंद होने से बढ़ी ग्रामीणों की परेशानी

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अमर उजाला ब्यूरो
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सलूणी चंबा। सलूणी-किलोड़ सड़क मार्ग 18 दिनों बाद भी बहाल नहीं हो पाया है। इस कारण पंचायतों के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हालत यह है कि ग्रामीणों की रोजमर्रा की वस्तुएं खत्म हो चुकी हैं। इसकी आपूर्ति के लिए ग्रामीणों को तीन फीट बर्फ में 15 किमी पैदल चलकर सलूणी मुख्यालय पहुंचना पड़ रहा है। यहां से राशन समेत अन्य जरूरी वस्तुएं ग्रामीण पीठ और खच्चरों में लाद कर गांव को ले जा रहे हैं। लोनिवि मार्ग को बहाल नहीं कर पा रहा है। शनिवार को लोनिवि ने मार्ग बहाल करने के लिए जेसीबी भेजी थी। मगर सड़क पर देवदारों के पेड गिरे होने से जेसीबी ापिस लौट आई। इस कारण लोगों की समस्याएं अभी तक बरकरार हैं। सबसे ज्यादा परेशानी तब हो रही है। जब किसी मरीज को स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने की नौबत आ रही है। ऐसी स्थिति में मरीज को पालकी में उठाकर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाना पड़ रहा है। वन विभाग सड़क से जब तक गिरे हुए पेड़ों को नहीं हटाता, तब तक उपरोक्त मार्ग बहाल नहीं हो पाएगा। इसलिए ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की कि उपरोक्त पर गिरे पेड़ों को जल्द हटाया जाए। वन विभाग की ओर से पेड़ों को काटने के लिए जिला मुख्यालय से कटर मंगवाया गया है। ऐसे में मार्ग को खुलने में अभी ओर समय लग सकता है। लोगों ने मार्ग बहाल करने के लिए जिला प्रशासन से गुहार लगाई है। लोनिवि के अधिशाषी अभियंता पीसी शर्मा ने बताया कि मार्ग पर देवदार के दर्जनों पेड़ गिरे हुए हैं। इनके हटते ही मार्ग को जेसीबी लगाकर बहाल कर दिया जाएगा। वन मंडलाधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि पेड़ों को काटने के लिए चंबा से कटर मंगवाया है। कटर से सड़क पर गिरे पेड़ों को काटकर सुरक्षित स्थान पर रखा जाएगा।
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