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अंताक्षरी खेलते खेलते अंग्रेजी सीखेंगे सरकारी स्कूलों के बच्चे

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study - फोटो : demo pic
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अमर उजाला ब्यूरो

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चंबा। जिले के सरकारी स्कूलों के बच्चों को अंताक्षरी खेलते-खेलते अंग्रेजी सीखाई जाएगी। इससे बच्चे आसानी और मनोरंजक तरीके से अंग्रेजी सीख सकेंगे। बच्चों के लर्निंग आउटकम को बढ़ाने के लिए जिले में प्रगति मुहिम शुरू की गई है।

यह जानकारी उपायुक्त हरिकेश मीणा ने वीरवार को राजस्व सभागार में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में दी। इस महत्वपूर्ण बैठक में जिले के खंड शिक्षा अधिकारी भी मौजूद रहे। उपायुक्त ने बताया कि विद्यार्थियों के लर्निंग आउटकम के और बेहतर नतीजे हासिल करने और प्रतिस्पर्धा की भावना पैदा करने के मकसद से जिले में प्रगति मुहिम शुरू की जाएगी। इससे जिले के सभी शिक्षा खंडों में शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्र और छात्राओं की स्कूली शिक्षा को समग्र तौर पर मजबूती दी जा सके। इससे विद्यार्थी आगे चलकर उच्चतर शिक्षा में भी अपेक्षित प्रदर्शन कर पाने में पूरी तरह से सक्षम हो सकें। अपने आप में नई मुहिम को अक्टूबर के अंत तक शुरू करने की योजना है।
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उन्होंने बताया कि शुरुआत में आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों के तिमाही आधार पर आनलाइन टेस्ट लेकर उनकी बाकायदा रैंकिंग तय की जाएगी। इस रैंकिग को मोबाइल मेसेज के जरिये अभिभावकों के साथ भी साझा किया जाएगा।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने विभिन्न खंडों के खंड शिक्षा अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा करते हुए उनके अनुभवों और निरीक्षण के तौर तरीकों को भी जाना। उन्होंने कहा कि जब भी खंड शिक्षा अधिकारी स्कूलों के निरीक्षण के लिए जाएं तो यह जरूर देखें कि बच्चों के लर्निंग आउटकम में पिछली बार की अपेक्षा कितनी बढ़ोतरी या कमी दर्ज की गई है। अधिकारी व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिये स्कूलों की गतिविधियों पर नजर रख सकते हैं। अध्यापकों से प्रातकालीन सभाओं और उसके बाद कक्षाओं के मोबाइल फोटो लेकर भी यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि किस स्कूल में किस तरह की व्यवस्था चल रही है।
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उपायुक्त ने कहा कि स्कूलों में हर शनिवार को अंग्रेजी आधारित अंताक्षरी कार्यक्रम आयोजित किए जाएं ताकि विद्यार्थी मनोरंजक तरीके से भी अंग्रेजी के ज्ञान में इजाफा कर सकें। उपायुक्त ने यह निर्देश भी दिए कि सभी स्कूलों में पेयजल और शौचालय की समुचित व्यवस्था रहनी चाहिए। खंड शिक्षा अधिकारी यह भी सुनिश्चित करें कि यदि किसी स्कूल में पेयजल की सही व्यवस्था नहीं है या शौचालय की दशा को सुधारना है तो उसके शेल्फ संबंधित ग्राम पंचायत प्रधान के माध्यम से तैयार करवा कर जल्द भिजवाएं। ताकि उसके लिए आवश्यक धनराशि मंजूर की जा सके। उपायुक्त ने उच्च शिक्षा उपनिदेशक को कहा कि वह विशेष तौर से विज्ञान विषयों के अध्यापकों का युक्तिकरण करके अस्थायी तौर पर कुछ समय के लिए उनकी तैनाती ऐसे स्कूलों में करने की व्यवस्था करें। यहां विज्ञान विषय का एक भी अध्यापक मौजूद नहीं है। उपायुक्त में बैठक में जिले के 84 स्कूलों में चल रहे विभिन्न तरह के 13 वोकेशनल कोर्सों को लेकर भी ब्यौरा हासिल किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए।

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