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गुलेल स्कूल अध्यापकों का टोटा, अभिभावक चिंतित

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Teacher - फोटो : demo pic
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अमर उजाला ब्यूरो
सलूणी (चंबा)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गुलेल में अध्यापकों का टोटा चल रहा है। इस वजह से स्कूल के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इससे अभिभावक बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। स्कूल में एक साल से राजनीतिक विज्ञान, अंग्रेजी, हिंदी भाषा अध्यापक, आईटी और टीजीटी नॉन मेडिकल प्रवक्ता के पद खाली हैं। मगर अभी तक शिक्षा विभाग ने इन्हें भरने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है। इसके कारण स्कूल में पढ़ने वाले 75 छात्र-छात्राओं का भविष्य दांव पर लग गया है। शिक्षकों की कमी के कारण स्कूल के अन्य अध्यापकों को दो-दो विषय पढ़ाने पड़ रहे हैं। सरकार ने इसी साल स्कूल को स्तरोन्नत किया था। मगर स्कूल में अध्यापकों की नियुक्ति नहीं हो रही है। इसकी वजह से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इससे अभिभावक बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित है। स्कूल में ग्राम पंचायत पिछला डियुर, कंधवारा, भडेला और डियुर के बच्चे पढ़ने के लिए आते हैं।
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ग्राम पंचायत पिछला डियुर की प्रधान होम देई, कंधवारा के प्रधान खिनू राम, पूर्व जिप सदस्य शोभिया राम धवन, कमला देवी और अभिभावकों में राजकुमार, सुरेंद्र, मनीष कुमार और चैन लाल ने बताया कि बच्चों की वार्षिक परीक्षा सिर पर है। मगर अभी तक बच्चों का सिलेबस पूरा नहीं हो पाया है। इसका खामियाजा बच्चों को वार्षिक परीक्षा परिणाम में भुगतना पड़ेगा। बच्चे वार्षिक परीक्षा में पास हो जाएं। मगर मेरिट में अपना नाम दर्ज नहीं करवा पाएंगे। इसके अलावा अच्छे नंबर नहीं होने से उन्हें भविष्य में परेशानी उठानी पड़ सकती है। प्रधानाचार्या कमलेश कुमारी ने बताया कि अध्यापकों की कमी के बारे में विभाग के उच्चाधिकारी को अवगत करवा दिया है। वहां से अध्यापकों की नियुक्ति की जाएगी। वहीं शिक्षा उपनिदेशक जलालदीन ने बताया कि उनके ध्यान में यह मामला नहीं है। जल्द ही स्कूल में अध्यापकों की कमी को दूर किया जाएगा।
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