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चुनावी दौर में भी महिलाओं की रसोई पर महंगाई की मार

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सब्जियां
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अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। विधानसभा चुनाव के दौर में सब्जियों की महंगाई जनता को रास नहीं आ रही है। इसका असर आगामी विस चुनावों में देखने को मिल सकता है। दामों में निरंतर हो रही बढ़ोतरी से गृहणियां निराश हैं। हालांकि, सब्जियों के दामों में पिछले एक सप्ताह से ना कमी हुई और ना बढ़ोतरी हुई है।। मगर टमाटर और प्याज के दाम में दस रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इसके चलते महिलाओं की रसोई का बजट बिगड़ गया है। वर्तमान में टमाटर साठ रुपये और प्याज चालीस रुपये किलो के दाम पर बिक रहा है। पिछले एक सप्ताह से इनके दामों में दस रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है। जबकि अन्य सब्जियों के दामों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। मंडी में फ्रासबीन साठ रुपये प्रति किलो, भिंडी, घिया, लॉकी और गाजर चालीस रुपये प्रति किलो है। इसके अलावा बैंगन तीस रुपये किलो है। कुल मिलाकर चुनावी दौर में सब्जियों में दामों में कमी न होने पर जनता अपने वोट का असर दिखा सकती है।
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क्या कहती है जनता
सुषमा देवी, आरती देवी, सीमा देवी, पुष्पा देवी, संतोष देवी, मीरा देवी, अंजना देवी, इंदिरा देवी और उपमा देवी ने बताया कि सब्जियों के दाम कम होने का नाम ही नहीं ले रहे है। उन्होंने बताया कि पिछले एक सप्ताह में टमाटर और प्याज के दाम में भी दस रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है। इसके चलते उनकी रसोई का बजट गड़बड़ा गया है। उन्होंने विस चुनावों के दौरान सब्जियों के दाम कम होने की उम्मीद वे कर रही थीं। मगर ऐसा नहीं हो पाया है।
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