किहार (चंबा)। ग्राम पंचायत किहार में मटर की 80 प्रतिशत फसल ओलावृष्टि की भेंट चढ़ गई। इसमें किसानों को करीब दस लाख रुपये का नुकसान हुआ है। किहार पंचायत में ज्यादातर लोग सब्जी का उत्पादन करके ही अपनी आजीविका चलाते हैं। ऐसे में मटर की पूरी फसल बर्बाद होने से किसानों को अपने परिवार का पालन-पोषण करने की चिंता सताने लगी है।
किसानों ने कड़ी मेहनत करके अपने खेतों में मटर की फसल बोई थी। फसल लगभग तैयार भी हो चुकी है। इससे पहले कि किसान फसल को काटते, ओलावृष्टि ने अस्सी प्रतिशत फसल को बर्बाद कर दिया। कुदरती कहर के चलते किसान अपनी फसल को बचाने में कुछ नहीं कर सके। शुक्रवार को हल्की बारिश शुरू हुई। बाद में भारी मात्रा में ओलावृष्टि हुई, जिससे मटर की फसल बर्बाद हो गई।
किसानों को उनकी मेहनत का कुछ फल नहीं मिल पाया। मंडी में मटर की फसल बेचने के बाद जो कमाई होनी थी, उसके ऊपर किसानों ने अपने परिवार का पालन पोषण करना लेकिन फसल बर्बाद होने से उनकी कमाई का साधन भी खत्म हो गया। प्रभावित किसानों ने जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि बर्बाद हुई मटर की फसल के बदले उन्हें उचित मुआवजा प्रदान की जाए।
ये किसान हुए प्रभावित
प्रभावित किसानों में हुसैना, शरीफ, गुलामु, सुल्तान, गुलाम हुसैन, कमरदीन, सलीम, अते मुहम्मद, अरशा, शरीफ, गुलजार, हनका, जुमेदीन, आयुब, खैर मुहम्मद, गुलाम रसूल, बेग मुहम्मद, फकीर, हनीफ, मुहम्मद हुसैन और शमशेर सहित अन्य किसानों के नाम शामिल हैं। एसडीएम सलूणी एसके पराशर ने बताया कि उनके ध्यान में मामला लाया गया है। संबंधित अधिकारी को मौका करने के निर्देश दिए गए हैं।