चंबा। आगामी फायर सीजन में वन संपदा को बचाने के लिए रैपिड फॉरेस्ट फायर फाइटिंग फोर्स का गठन किया जाएगा। इस संदर्भ में वन्य प्राणी विभाग की ओर से प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। जागरूकता शिविरों के माध्यम संबंधित क्षेत्रों में युवाओं की डिटेल जुटाई जा रही है। इसके साथ ही युवाओं का मोबाइल नंबर भी लिया जा रहा है। जैसे ही फायर सीजन में इन क्षेत्रों में वनों में आग लगती है, तो सैटेलाइट के माध्यम से इन युवाओं को संदेश मिलेगा। इस संदेश के माध्यम से युवा अलर्ट रहेंगे। साथ ही आग लगने की सूचना मिलने के बाद बुझाने के प्रयास भी करेंगे। शिविरों में विभाग ने युवाओं को टिप्स भी दिए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार अब तक वन्य प्राणी विभाग चंबा की ओर से खज्जियार क्षेत्र के गांव बैंसका और भांदल में जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जा चुका है। इसके लिए युवाओं को सूची तैयार की जा रही है। इन्हें रैपिड फॉरेस्ट फायर फाइटिंग फोर्स में शामिल किया जाएगा। आगामी दिनों में कुगती, तुंदाह और पांगी में जागरूकता शिविर होंगे। गौरतलब है कि अकसर गर्मियों में वन संपदा के आग लग जाती है। इससे विभाग को काफी नुकसान उठाना पड़ता है। मगर विभाग जंगलों को बचाने के लिए प्रयास कर रहा है।
इसके तहत रैपिड फॉरेस्ट फायर फाइटिंग फोर्स का गठन किया जा रहा है। इसमें युवाओं से शपथ पत्र भी लिया जाएगा। वन्य प्राणी विभाग चंबा के उपमंडलाधिकारी निशांत मंढोत्रा ने बताया कि रैपिड फॉरेस्ट फायर फाइटिंग फोर्स गठित करने के लिए प्रयास जारी है। जागरूकता शिविरों के माध्यम से युवाओं से शपथ पत्र भरवाए जा रहे हैं। साथ ही उनका नंबर भी लिया जा रहा है। सैटेलाइट से पंजीकृत युवाओं को आग लगने की सूचना मिलेगी। जिससे वह अपने क्षेत्र में वन संपदा को बचा सकेंगे।