चंबा। जिले की मोबाइल और फोन कनेक्टिविटी से जूझ रही पंचायतों में कनेक्टिविटी मुहैया करने के लिए विशेष प्लान तैयार किया जाएगा। वीरवार को उपायुक्त चंबा ने प्रदेश के मुख्य सचिव बीके अग्रवाल के साथ हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान कही। उन्होंने कहा कि इससे पूरे जिले का कम्युनिकेशन नेटवर्क और सुदृढ़ होगा और आपदा प्रबंधन के लिहाज से भी यह कदम उपयोगी साबित होगा। उपायुक्त ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के बाद जानकारी देते हुए बताया कि बीते दिनों हुई भारी बारिश के चलते बाढ़ से विशेषकर सड़कों को हुए नुकसान के आकलन के लिए एक समिति का गठन किया गया है। अतिरिक्त उपायुक्त हेमराज बेरवा की अध्यक्षता वाली इस समिति में जिले की सभी चार बड़ी विद्युत परियोजनाओं के मुख्य अभियंता, लोक निर्माण और नेशनल हाईवे के अधिशासी अभियंता, जिला राजस्व अधिकारी और परियोजना अधिकारी जिला ग्रामीण विकास अभिकरण सदस्य के तौर पर शामिल रहेंगे।
उन्होंने बताया कि नवंबर महीने के आखिरी सप्ताह में जिले में हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए केंद्रीय दल भी पहुंच रहा है। संबंधित सभी विभागीय अधिकारी केंद्रीय दल के दौरे को लेकर अपनी तैयारियां पूरी कर लें। उपायुक्त ने बताया कि सर्दी के सीजन के दौरान आपदा प्रबंधन को और प्रभावी और सक्रिय बनाए जाने की जरूरत है। उन्होंने बिजली बोर्ड और आईपीएच विभाग से जुड़े मुद्दों को सोमवार की बैठक शामिल करने के लिए भी कहा। जिससे जिले में बिजली और पानी की आपूर्ति सुचारु रहे और इन सुविधाओं में कोई व्यवधान न पैदा हो। उपायुक्त ने चंबा-पठानकोट नेशनल हाईवे पर चनेड़ से लेकर गोली तक के संवेदनशील हिस्सों में क्रैश बैरियर लगाने की जरूरत है। ताकि दुर्घटना होने की सूरत में बचाव हो सके।
उन्होंने कहा कि आगामी बर्फबारी के दिनों में पंचायतीराज संस्थाओं के प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी रहेगी। स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों को चूंकि क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों का पूरा पता रहता है। ऐसे में उनका दायित्व रहेगा कि वह लोगों को भारी बर्फबारी और भूस्खलन के खतरों के प्रति सचेत रखें। इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त हेमराज बैरवा, एसडीएम दीप्ति मंढोत्रा, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण जीत सिंह ठाकुर, अधिशासी अभियंता सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य हेमंत पुरी, पुलिस उपाधीक्षक अजय कुमार, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी वीरेंद्र प्रताप गुप्ता, जिला कार्यक्रम अधिकारी सत्यपाल वर्मा और जिला लोक संपर्क अधिकारी रवि वर्मा के अलावा अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।