चंबा। कबायली क्षेत्र भरमौर और पांगी के स्कूलों एसएमसी के तहत रखे 150 पीजीटी (पोस्ट ग्रेजुएट टीचर) अध्यापकों को सात माह से वेतन नहीं मिला है। वेतन न मिलने से अध्यापकों को परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल हो गया है। जनजातीय क्षेत्रों के स्कूलों में तैनात यह अध्यापक किराये पर कमरे लेकर रह रहे हैं। ऐसे में सात महीने से वेतन नहीं मिलने की वजह से वह अपने मरों का किराया भी नहीं चुका पा रहे हैं। मकान मालिक उनसे बार-बार किराया मांग रहे हैं। इतना ही नहीं क्वार्टरों में जमा राशन भी खत्म हो चुका है।
इस वजह से उन्हें उधार लेकर राशन लेना पड़ रहा है। दुकानदार भी अब उन्हें उधार देने से मना करने लगे हैं। इस वजह से शिक्षकों को मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस वजह से यह बच्चों को भी उचित तरीके से नहीं पढ़ा पा रहे हैं। इसकी वजह यह है कि सरकार की ओर से इन अध्यापकों के वेतन को लेकर अभी तक बजट जारी नहीं किया गया है। जबकि सरकार ने कुछ समय पहले इनके वेतन में बढ़ोत्तरी करने की घोषणा की थी। मगर इसका लाभ भी अभी तक अध्यापकों को नहीं मिल पाया है। इसके चलते अध्यापकों में सरकार के प्रति रोष पनप रहा है।
अध्यापक सरिता, महेश, जोगिंद्र, बविता, देवेंद्र, नरेंद्र, विनोद, संजय, विशाल, महिंद्र, पवन, प्रकाश और चंद्रेश कुमारी ने बताया कि बिना वेतन अध्यापकों को परिवार का पालन पोषण करने में कठिनाई आ रही है। ऐसा ही चलता रहा तो अध्यापकों को नौकरी छोड़ दूसरा विकल्प ढूंढना पड़ेगा। क्योंकि बिना वेतन परिवार का गुजारा नहीं हो सकता। उन्होंने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि अध्यापकों को जल्द वेतन जारी किया जाए।
जनजातीय क्षेत्र के लिए अभी तक नहीं पहुंचा बजट : उपनिदेशक
उच्च शिक्षा उपनिदेशक देविंद्र पाल ने बताया कि शिक्षा निदेशक की ओर से अभी तक जनजातीय क्षेत्र के अध्यापकों के लिए बजट जारी नहीं किया गया है। जैसे ही बजट उनके पास पहुंचेगा। अध्यापकों का वेतन जारी कर दिया जाएगा।