सुभाष अग्निहोत्री
चंबा। मिंजर मेले में पद्मश्री और राष्ट्रीय अवार्डी कलाकारों को नजरअंदाज किया जा रहा है। इन कलाकारों ने जिले का नाम देश-विदेश में चमकाया। बावजूद प्रशासन ने इन विभूतियों को मिंजर मेले के दौरान आयोजित होने वाली सांस्कृतिक संध्याओं में बुलाने की जहमत तक नहीं उठाई है। पद्मश्री मुसाफिर राम (पौण वादक), पद्मश्री विजय शर्मा (चित्रकला), राष्ट्रीय पुरस्कार एवं गुरु शिल्प पुरस्कार से सम्मानित ललित वकील (चंबा रूमाल), राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता मोहम्मद लतीफ (काष्ठ कला), हाकम सिंह (काष्ठ कला), प्रकाश चंद (धातु शिल्प) को मिंजर मेले की सांस्कृतिक संध्याओं में बतौर मुख्यातिथि बुलाने की प्रशासन ने जहमत नहीं उठाई है। ऐसे में देश की महान विभूतियों में शामिल कलाकार अपने ही जिले में बेगाने बने हुए हैं।
सांस्कृतिक संध्याओं के मुख्यातिथि
23 जुलाई वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी, 24 जुलाई को पुलिस अधीक्षक चंबा और मेडिकल कॉलेज प्राचार्य अनिल ओहरी, 25 जुलाई को सहायक आयुक्त नंदिता गुप्ता, 26 जुलाई को स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर, 27 जुलाई को डलहौजी विधायक आशा कुमारी शामिल रहे।
सम्मानित की जाएंगी विभूतियां : डीसी
जिलाधीश चंबा सुदेश मोख्टा ने बताया कि मिंजर मेला सांस्कृतिक कमेटी ने ही मुख्यातिथियों के नाम उन्हें दिए गए थे। इसी आधार पर मुख्यातिथि बुलाए जा रहे हैं। पद्मश्री विजय शर्मा ने ही इस बार मिंजर मेले का कार्ड तैयार किया है। जिले की महान हस्तियों के सम्मान में शनिवार को एक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें इन विभूतियों को सम्मानित किया जाएगा।