चंबा। जिले के किसान सूखे गोबर से मालामाल होंगे। सरकार की योजना के तहत किसानों को लाभान्वित करने के लिए पशुपालन निदेशालय ने पशुपालन विभाग को मांग भेजने के निर्देश दिए हैं।
जिला चंबा से 160 किसान दो रुपये किलो के हिसाब से सूखा गोबर देने के लिए तैयार हैं। पशुपालन विभाग ने इनकी सूची शिमला भेज दी है। प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने पर एजेंसी की ओर से किसानों से सूखा गोबर खरीदा जाएगा।
विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में किसानों और मवेशी पालकों से सूखा गोबर खरीदने की घोषणा की थी। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद इस योजना को लेकर कवायद शुरू कर दी गई है। पहली सूची में जिले के 160 किसानों ने सूखा गोबर देने के लिए हामी भरी है। जिले के अधिकांश परिक्षेत्र में ग्रामीण मवेशी पालन करते हैं। अब मवेशियों का सूखा गोबर भी उन्हें मालामाल करेगा। बताया जा रहा है कि सूखे गोबर से नब्बे प्रतिशत हिस्से से खाद तैयार होगी। दस प्रतिशत सूखे गोबर को धूप बनाने में इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा सड़कों पर घूमने वाले लावारिस मवेशियों के लिए भी सरकार ठिकाना दिलाएगी।
उधर, पशुपालन विभाग चंबा के उपनिदेशक डॉ. नरेंद्र ने बताया कि सरकार और विभाग के निर्देशानुसार जिले में 160 लोगों ने सूखा गोबर बेचने की हामी भरी है। बताया कि आगामी समय में एजेंसी के माध्यम से ही किसानों से सूखा गोबर एकत्रित किया जाएगा। यह खाद बनाने और धूप बनाने में इस्तेमाल किया जा सकता है।