चंबा। जांघी पंचायत में बारिश के बाद नाला एक फिर उफान पर आ गया। इससे गांव के कई घरों में मलबा घुस गया। प्रशासन की लापरवाही से गुस्साए ग्रामीणों ने चक्का जाम कर दिया, जिसके बाद प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी को लेकर मलबा हटाने का काम शुरू किया। विगत माह ही यहां पर बादल फटने से काफी तबाही मची थी। इस वजह से मंगलवार को हुई बारिश के बाद बढ़े नाले के जलस्तर से लोग बुरी तरह से खौफजदा हो गए। हालांकि लोग इससे पहले प्रशासन को इससे पहले भी नाले से आए मलबे को हटाने को गांव को सुरक्षित करने की मांग उठाई थी, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई और एक बार फिर नाला गांव के लिए मुसीबत लेकर आया।
बारिश के कारण अशोक पुत्र मेला राम निवासी जांघी, अंजु कुमारी पत्नी राकेश कुमार निवासी जांघी के घरों में छह इंच तक मलबा और कीचड़ घुस गया। कीचड़ से प्रभावितों के कमरों में रखा सामान खराब हुआ है। आंगन और मकान के भीतर तक कीचड़ के घुसने से घर में दाखिल होना मुश्किल हो गया है। प्रभावितों को दूसरे लोगों के घरों में शरण लेनी पड़ी है। मूसलाधार बारिश के बाद जांघी नाले में बढ़ता जलस्तर देख गांव के युवा, बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे नाले की तरफ पहुंचें। ग्रामीणों ने मिलकर जांघी नाले में बढ़े जलस्तर का रुख बदलने की कोशिश की।
बारिश के थमने के बाद ग्रामीणों ने भरमौर-पठानकोट मार्ग पर जांघी नाला के समीप हंगामा कर दिया। ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले यहां बादल फटा था। जिस कारण नाले में मलबा जमा हो गया था। इसे प्रशासन ने हटाने में लापरवाही बरती। ऐसे में ग्रामीणों को बारिश होने पर तबाही का डर सता रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि बारिश सुबह के समय शुरू होने से नुकसान कम हुआ, अगर रात के समय बारिश होती तो नुकसान ज्यादा हो सकता था। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही एसडीएम चंबा दीप्ती मंढोत्रा, तहसीलदार चंबा पवन ठाकुर मौके पर पहुंचे। जहां प्रशासन ने ग्रामीणों की बात सुनने के बाद मौके पर मशीनरी लगा दी और जल्द नाले से मलबा हटाने की बात कही।
ग्रामीणों के हंगामे के कारण करीब दो घंटे तक मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बाधित रही। एसडीएम चंबा दीप्ती मंढोत्रा ने बताया कि इस बारे में सूचना मिली है। उन्होंने कहा कि मौके पर जाकर ग्रामीणों की बात सुनी गई। मलबा हटाने के लिए मशीनरी लगा दी गई है।