जिप की बैठक में बवाल, एचआरटीसी अफसर पर निशाना
बस सेवा शुरू न होने से जिप सदस्य ने किया हंगामा, लिखित में जवाब देने पर भी नहीं माने
कहा- दो साल से बस चलने का मिल रहा है आश्वासन
तीन दिन में बस चलाने का आश्वासन मिलने पर शांत हुए
अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। बचत भवन चंबा बुधवार को जिला परिषद की बैठक में बवाल मचा रहा। बैठक में एचआरटीसी के एक अफसर निशाने पर रहे। सदन की कार्यवाही शुरूआत में बीस मिनट तक रुकी रही। किलोड़ वार्ड के जिप सदस्य ललित ठाकुर ने चूड़ी पुल से लेकर कन्हेलू तक सरकारी बस न चलने पर एतराज जताया। उन्होंने कहा कि दो साल से बस की मांग कर रहे हैं। हर बार आश्वासन मिलता है। बुधवार को भी बैठक में भी जब मुद्दा उठाया गया तो संबंधित अधिकारी ने जवाब दिया कि जल्द सेवा शुरू कर दी जाएगी। इस पर जिप सदस्य भड़के गए। उन्होंने बैठक का बहिष्कार करने की चेतावनी दे दी। जिप अध्यक्ष ने अफसर को संतोषजनक जवाब देने को कहा, लेकिन जिप सदस्य ने जवाब मौखिक रूप में नहीं बल्कि लिखित रूप में देने की मांग रखी।
जिप सदस्य की मांग पर अफसर ने लिखित में दिया कि सात दिन के भीतर बस चलाने के प्रयास किए जाएंगे। इस जवाब को भी जिप सदस्य ने नकार दिया। इनका कहना था कि दो साल के बाद भी अभी सात दिन और लगेंगे। तो उन्हें बस चलाने के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। क्षेत्र के सभी लोगों को साथ लेकर आरएम चंबा के कार्यालय के बाहर थाली पीटो आंदोलन किया जाएगा। इसके बाद आर एम ने दोबारा लिखित रूप से आश्वासन दिया, जिसमें उन्होंने तीन दिनों के भीतर बस चलाने की बात कही। तब जाकर जिप सदस्य ने बैठक की कार्यवाही को आगे बढ़ने दिया। इसके अलावा कीड़ी वार्ड के जिप सदस्य राकेश ठाकुर ने भी चंबा-जुम्महार, उटीप व भाला रूट पर बसों की संख्या बढ़ाने की मांग रखी। इन रूटों पर एक ही बस जाने से काफी ओवरलोडिंग हो रही है। उनके परिक्षेत्र में ज्यादातर संपर्क मार्गों में ओवरलोडिंग की शिकायत मिल रही है। जिला परिषद सदस्य सुभाष साहिल ने डलहौजी के पास लेखक सदन बनवाने के लिए एसडीएम डलहौजी और डीएफओ डलहौजी को एक संयुक्त समिति बनाकर चिन्हित जमीन का संयुक्त निरीक्षण करने और वन विभाग के स्थानांतरण के लिए दस्तावेज तैयार करने का प्रस्ताव पारित पास किया।