भूस्खलन से चंबा-जोत-चुवाड़ी मार्ग रहा 20 घंटें बाधित
आधा दर्जन सरकारी और एक दर्जन के निजी बसें फंसी रहीं, यात्रियों को झेलनी पड़ी परेशानी
बसों में सवारियों की अदला बदली कर पहुंचाया गंतव्य तक
अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। मूसलाधार बारिश के चलते चंबा-जोत-चुवाड़ी मार्ग मटून नामक स्थान पर भारी भूस्खलन होने से शनिवार देर रात (करीब 11 बजे) यातायात के लिए बाधित हो गया। मार्ग के अवरुद्ध होने से निगम की आधा दर्जन सरकारी और एक दर्जन के करीब सरकारी बसें भी फंस गई। मार्ग के बंद होने की सूचना मिलने के बाद विभागीय लेबर और मशीनरी मौके पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद करीब बीस घंटों के बाद लोनिवि ने यातायात को बहाल किया। तब जाकर यात्रियों ने राहत की सांस ली। इसके अलावा विकास खंड भटियात के तहत आते चुवाड़ी-लाहडू मार्ग कालीघार के पास, चुवाड़ी-डलहौजी और बलेरा मार्ग गरखड़ा के पास, ककीरा मार्ग भी यातायात के लिए बंद रहे। इस कारण बसों की ट्रांसमिट कर ही यात्रियों को उनके गंतव्यों की तरफ रवाना किया गया। कुल मिलाकर शनिवार देर रात होने वाली बारिश ने लोगों की दिक्कतों को बढ़ाने का काम किया है। शनिवार देर रात मेघ बरसने के बाद होने वाले भूस्खलन से चंबा-जोत-चुवाड़ी मार्ग, चुवाड़ी-लाहडू मार्ग कालीघार के पास, चुवाड़ी-डलहौजी वाया बलेरा मार्ग गरखड़ा के पास, ककीरा मार्ग भी यातायात के लिए बंद पड़ हो गए। मार्गों के बंद होने से लोगों को गंतव्यों तक पहुंचने के लिए लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं, चंबा-जोत-चुवाड़ी मार्ग पर मटून नामक स्थान गिरने वाले ल्हासे को यात्रियों ने जान जोखिम में डालकर पार किया। वहीं, मार्ग पर आधा दर्जन एचआरटीसी की बसें और एक दर्जन निजी बसों सहित दर्जनों छोटे और दोपहिया वाहन भी फंसे रहे। यात्री कमलेश कुमार, संजीव कुमार, किरपा राम, निधिया राम, प्रकाश चंद, दलीप कुमार, उमेश कुमार और करण कुमार का कहना है कि चंबा-जोत-चुवाड़ी मार्ग मटून नामक स्थान भूस्खलन होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने मटून में गिरे मलबे को जान को जोखिम में डाल कर पार किया। बहरहाल, लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
इनसेट
आरएम चंबा सुभाष कुमार ने बताया कि चंबा-जोत-चुवाड़ी मार्ग मटून नामक स्थान पर भारी भरकम भूस्खलन होने से यातायात के लिए बाधित पड़ गया था। इस कारण एचआरटीसी की कुछ बसें फंस गई थी। बहरहाल, यात्रियों की सहूलियत को देखते हुए बसों की ट्रांसमिट कर उन्हें गंतव्यों तक पहुंचाया गया है।