भरमौर (चंबा)। भरमौर-कुगती हड़सर मार्ग टापा के समीप वाहनों की आवाजाही के लिए दूसरे दिन भी बहाल नहीं हो पाया है। यहां पहाड़ी से लगातार पत्थर गिर रहे हैं। वहीं लगातार हो रहे भूस्खलन से जलधार मंदिर को भी खतरा पैदा हो गया है।
इससे जलधार मंदिर तक पहाड़ी में दरारें आ गई हैं। समय रहते अगर कोई प्रयास नहीं किए गए तो जलधार मंदिर सहित पंचायत भवन और कुछेक लोगों के रिहायशी मकान भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। गौरतलब है कि शनिवार को अचानक पहाड़ी से भारी भरकम भूस्खलन शुरू हो गया।
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इसके चलते कुगती पंचायत का संपर्क तहसील मुख्यालय भरमौर से पूरी तरह कट गया। शनिवार को भूस्खलन के बाद रविवार को भी यहां लगातार पत्थर गिरते रहे। स्थानीय लोगों नेजल्द मार्ग को बहाल करने की मांग की है। हड़सर पंचायत प्रधान अंजू देवी और पूर्व पंचायत समिति सदस्य पवन शर्मा ने बताया कि भूस्खलन के चलते जलधार मंदिर के समीप भी दरारें आ गई हैं। उन्होंने कहा कि पंचायत भवन और रिहायशी मकान भी है। समय रहते इसे दुरूस्त नहीं किया गया तो भवन भी गिर सकते हैं।
लोक निर्माण विभाग भरमौर के अधिशाषी अभियंता इंद्र सिंह उत्तम का कहना है कि लगातार भूस्खलन हो रहा है। ऐसे में यहां मार्ग को खोलना खतरे से खाली नहीं है। उन्होंने कहा कि जैसे ही भूस्खलन थमेगा, मार्ग को बहाल करने के प्रयास शुरू किए जाएंगे।