सलूणी (चंबा)। ग्राम पंचायत दरेकड़ी के एक दर्जन गांव आज भी सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाए हैं। हालत यह है कि ग्रामीणों को सड़क तक पहुंचने के लिए 15 किमी का पैदल सफर करना पड़ता है। ऐसे में सबसे अधिक परेशानी मरीजों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने में आती है। ग्रामीणों को मजबूरी में मरीज को पालकी पर उठाकर मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन को अवगत करवाने पर भी गांव के लिए आज तक सड़क नहीं बन पाई है। इसको लेकर लोगों में भारी रोष है। इस अनदेखी से पंचायत के गांव कंडेरी, सरार, खनकुड, जिलोह, गोठ, निलनी, टिपरी, अडेंई और पद्घर सहित अन्य गांव में रहने वाली पांच हजार आबादी सड़क को तरस रही है। पंचायत प्रधान नीलमो देवी, उपप्रधान लक्ष्मण सिंह, बीडीसी किशोरी लाल, वार्ड सदस्य कोशल्या देवी ने बताया कि दरेकड़ी से सराहर तक सड़क बनाने के लिए कई बार ग्राम सभा में प्रस्ताव पास किए गए। इन्हें संबंधित विभाग को भी भेजा गया। मगर उन प्रस्तावों के पर आज तक कोई कार्यवाही हुई है। हर बार आश्वासन देकर लोगों को टाल दिया जाता है। उन्होंने कहा कि सड़क सुविधा नहीं होने से ग्रामीणों को जरूरत का सामान पीठ पर लादकर घर तक पहुंचाना पड़ता है। इसके अलावा गांव में कोई व्यक्ति बीमार हो जाए तो उसे स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने में सबसे ज्यादा परेशानी होती है। पहले बीमार व्यक्ति को पालकी में बिठाकर 15 किमी मुख्य सड़क तक पहुंचाया जाता है और इसके बाद निजी वाहन और एंबुलेंस के जरिये उसे स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया जाता है। उन्होंने प्रदेश की नई सरकार से आग्रह किया है कि उपरोक्त गांव को जल्द से जल्द सड़क से जोड़ने का प्रावधान किया जाए।
वन विभाग की एनओसी मिलने पर बनेगी सड़क : सहायक अभियंता
सहायक अभियंता कैलाश कुमार भट्टी ने बताया कि सड़क को लेकर डीपीआई तैयार हो चुकी है। वन विभाग से एनओसी मांगी गई है। एनओसी मिलने पर सड़क का कार्य शुरू करवाया जाएगा।