सलूणी (चंबा)। वर्षों से संचालित राजकीय महाविद्यालय सलूणी में आज तक विज्ञान संकाय और एमए की कक्षाएं शुरू न हो पाना क्षेत्र के छात्रों के भविष्य पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। वर्तमान में कॉलेज में करीब 300 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जबकि सलूणी उपमंडल की लगभग 35 पंचायतों के छात्र-छात्राएं इस संस्थान पर निर्भर हैं।
विज्ञान और एमए की पढ़ाई की सुविधा न होने के कारण छात्रों को चंबा, बनीखेत और धर्मशाला के कॉलेजों का 60 से 150 किमी का रुख करना पड़ रहा है। दूरदराज क्षेत्र के विद्यार्थी दूसरे कॉलेजों में जाने में असमर्थ है। कई प्रतिभाशाली विद्यार्थी आर्थिक मजबूरियों के चलते आगे की पढ़ाई छोड़ रहे हैं।
इसको लेकर पीटीए अध्यक्ष दिनेश राणा, मुख्य सलाहकार मदन ठाकुर, अमर सिंह, बिहारी, बिमला देवी, निधिया राम, ध्यान सिंह व चैन सिंह ने बताया कि साइंस व एमए कक्षाएं शुरू करने को लेकर कई बार प्रशासन को प्रस्ताव भेजे गए।
विधायक डीएस ठाकुर के नेतृत्व में पीटीए प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से मिला, जहां से जल्द कार्रवाई का आश्वासन मिला था। आश्वासनों के बावजूद आज दिन तक न तो विज्ञान संकाय शुरू हुआ और न ही एमए कक्षाएं। यदि सलूणी कॉलेज में ये सुविधाएं उपलब्ध हो जाएं, तो छात्रों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा, शिक्षा का स्तर बढ़ेगा।
कॉलेज के प्राचार्य महिंद्र सिंह सलारिया ने कहा कि कॉलेज में साइंस सकाय और एमए की कक्षाएं शुरू होना जरूरी है। इस बारे सरकार को प्रस्ताव भी भेजा गया है। वहीं, डलहौजी विधानसभा क्षेत्र के विधायक डीएस ठाकुर ने कहा कि वे इस मुद्दे पर शिक्षा मंत्री से चर्चा कर चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आगामी विधानसभा सत्र में इस विषय को दोबारा से उठाया जाएगा।