अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। चुराह विस क्षेत्र के अधीन ग्राम पंचायत चांजू और देहरा में तीन माह से घरेलू रसोई गैस के सिलिंडरों की गाड़ी नहीं पहुंच पाई है। घरेलू रसोई गैस के क्षेत्र में न पहुंचने से प्राथमिक, माध्यमिक और वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए मिड डे मील बनाने में वर्करों को परेशानियां ही पेश आ रही है।
वहीं, दूसरी और गृहणियों को भी लकड़ी जलाकर खाना पकाना पड़ रहा है। हैरानी की बात तो यह है कि क्षेत्र की सड़कें छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए खुली है, लेकिन रसोई गैस की गाड़ी का नहीं पहुंच रही है।
गौरतलब हो कि ग्राम पंचायत चांजू और देहरा के अधीन करीब एक सौ रसोई गैस उपभोक्ता आते हैं। इसके अलावा दोनों पंचायतों में नौ प्राथमिक पाठशालाएं, दो माध्यमिक पाठशालाएं और एक वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला है।
इन पाठशालाओं में 200 के करीब विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। तीन महीने से विद्यालयों में दोपहर का मिड डे मील बनाने के लिए रसोई गैस सिलिंडर की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। घरेलू गैस सिलिंडरों की आपूर्ति न होने से स्कूलों में तैनात मिड डे मील वर्करों को लकड़ियां एकत्रित करने के बाद चूल्हा जलाकर मिड डे मील बनाना पड़ रहा है।
चमन लाल, रविंद्र कुमार, सुरेंद्र कुमार, बचन सिंह और दलीप कुमार का कहना है कि चुराह विस क्षेत्र के तहत देहरा और चांजू पंचायतों में रसोई गैस की गाड़ी 12 दिसंबर 2018 के बाद से आज तक नहीं पहुंची है।
रसोई गैस की गाड़ी के न पहुंचने से गृहणियों को लकड़ी एकत्रित करने के बाद चूल्हे पर खाना पकाना पड़ रहा है। रसोई गैस उपभोक्ताओं ने जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक और जिला प्रशासन से प्राथमिकता के आधार पर क्षेत्र में रसोई गैस की गाड़ी भिजवाने की मांग उठाई है।
जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक अरविंद शर्मा ने बताया कि उन्हें इस बारे लिखित में कोई भी शिकायत नहीं मिली है। बहरहाल, अगर ऐसी बात है तो जल्द क्षेत्र में घरेलू गैस की गाड़ी भिजवाए जाने की व्यवस्था की जाएगी।