अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। जिले में भारी बर्फबारी के एक सप्ताह बाद भी जन-जीवन पूरी तरह से पटरी पर नहीं लौट पाया है। भारी बर्फबारी से तीन कच्चे मकान और 18 गोशालाएं क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा सात पक्के मकान और 35 कच्चे मकानों को भी नुकसान पहुंचा है। कुल मिलाकर बर्फबारी ने निम्न वर्ग के लोगों की दिक्कतों को बढ़ाने का काम किया है। बहरहाल, जिला प्रशासन ने बर्फबारी से होने वाले नुकसान का आकलन तैयार करवाना भी आरंभ कर दिया है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक चंबा विस क्षेत्र के तहत आते चमडोली पटवार सर्किल के पांच कच्चे मकान और सात गोशालाओं को नुकसान पहुंचा है। धारो राम निवासी द्रम्मण, मदन लाल निवासी खबड, चतरो राम कथियाडू, रमेश चंद निवासी तुंदगा चतरो राम निवासी के मकानों को क्षति पहुंची है। इसके अलावा धानो पत्नी हरि चंद निवासी पंजोह, बलो निवासी पंजोह के घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। हरिपुर पटवार सर्किल के तहत आते सात पक्के मकान और दो कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचा है। डलहौजी विस क्षेत्र के तहत आते सुभाष चंद निवासी बैली के कच्चे मकान को नुकसान पहुंचा है। पांगी एसडीएम की रिपोर्ट के तहत तीन मकान पूरी तरह से बर्फबारी के चलते क्षतिग्रस्त हुए हैं। तहसीलदार भरमौर से मिली जानकारी के मुताबिक भरमौर कानूनगो की रिपोर्ट के तहत चार कच्चे मकानों, पंजसेरी कानूनगो के अनुसार तीन कच्चे मकान, एक गोशाला, सिड सर्किल के तहत पांच कच्चे मकान, औराफाटी सर्किल के तहत दो कच्चे मकान, त्रिहा सर्किल के तहत दो कच्चे मकान, दो गोशालाएं, सर्किल होली के तहत दो कच्चे मकान, दो गोशालाएं, गरोला सर्किल के तहत दो कच्चे मकान, दो गोशालाएं, दियोला सर्किल के तहत आते क्षेत्र में तीन कच्चे मकान और दो गोशालाओं को नुकसान पहुंचा है। उपायुक्त चंबा हरिकेश मीणा ने बताया कि जिले में भारी बर्फबारी से हुए नुकसान का आकलन तैयार करवाया जा रहा है।