बारिश से बचने के लिए सवारियों को बस में खोलने पड़े छाते
लंबी दूरी के रूटों पर एचआरटीसी प्रबंधन भेज रहा खटारा बसें
बैजनाथ-भरमौर-फटहार-न्याग्रां रात्रि बस में टपकने लगा बारिश का पानी
किराया अदा करने के बाद भी यात्रियों को निगम मुहैया नहीं करवा पा रहा बेहतरीन सुविधाएं
अमर उजाला ब्यूरो
भरमौर(चंबा)। जिले में लंबी दूरी के रूटों पर हिमाचल पथ परिवहन निगम प्रबंधन खटारा बसों को भेज रहा है। वीरवार रात बैजनाथ-फटहार से भरमौर-होली-न्याग्रां के लिए भेजी गई रात्रि बस में यात्रियों को छाते खोल और बरसाती पहन कर ही सफर करना पड़ा। हैरानी की बात तो यह है कि किराये के रूप में पैसे चुकता करने के बाद भी हिमाचल पथ परिवहन निगम यात्रियों को बेहतरीन सुविधा नहीं दे पा रहा है।
यात्रियों में संजीव कुमार, नरेश कुमार, मुकेश कुमार, संजीव कुमार और दलीप सिंह ने बताया कि वीरवार को बैजनाथ-फटहार से भरमौर-होली-न्याग्रां के लिए जो रात्रि बस भेजी गई थी, उसमें बारिश का पानी टपक रहा था। कुल मिलाकर बस में बैठे हुए लोगों को ऐसा प्रतीत हो रहा था कि वे बारिश में पैदल ही सफर तय कर रहे हैं। बारिश से बचने के लिए यात्रियों को छाते और बरसातियां पहन कर ही अपना सफर करना पड़ा। बस के भीतर बारिश का पानी गिरने से यात्रियों के कपड़े सहित अन्य सामान भी भीग गया। नतीजतन, लोगों को परेशानियों का ही सामना करना पड़ा। वहीं, यात्रियों ने बताया कि राष्ट्रीय उच्च मार्ग के भरमौर-पठानकोट के जगह-जगह भूस्खलन के चलते अवरुद्ध होने की सूरत में भरमौर से बैजनाथ के लिए निकली बस के बीच राह ही फंसने और बैजनाथ से न्याग्रां के लिए आ रही बस के भूस्खलन के चलते फंसने की सूरत में एचआरटीसी प्रबंधन की ओर से यात्रियों की अदला-बदली कर उन्हें उनके गंतव्यों तक भेजने तक का भी प्रबंध नहीं किया गया है। इस कारण यात्री एचआरटीसी प्रबंधन की लचर प्रणाली को कोसते दिखे।
नहीं आई शिकायत
एचआरटीसी चंबा डिपो के आरएम सुभाष कुमार ने बताया कि वे एक महत्वपूर्ण बैठक में गए हुए हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे किसी ने भी शिकायत नहीं की है। कहा कि यदि ऐसी बात थी तो यात्रियों को उनसे संपर्क कर शिकायत करनी चाहिए थी।