किहार (चंबा)। भले ही प्रदेश सरकार ग्रामीण इलाकों में साफ-सुथरा पेयजल मुहैया करवाने के दावे करती हो। मगर किहार की करीब छह सौ की आबादी अभी भी मटमैला पानी पीने को मजबूर हैं। इस वजह से लोगों को हमेशा जलजनित बीमारियों का खतरा सताता रहता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां अभी तक फिल्टर बेड युक्त पानी मुहैया नहीं करवाया जा रहा है। इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
हालांकि यहां एक वाटर स्टोरेज टैंक बना है। इसको जल्द शुरू करने की बात आईपीएच विभाग कह रहा है। जानकारी के अनुसार किहार, सरोग, मेन बाजार, सिविल अस्पताल, पुलिस स्टेशन, सीसे स्कूल किहार, प्राइमरी स्कूल के अलावा कुनेड़ गांव, आलस में पानी की आपूर्ति किहार नाले से सीधा की जा रही है। ऐसे में क्षेत्र में जरा सी बारिश होने पर मटमैला पानी पहुंचता है। ग्रामीण सुमित कुमार, अशोक कुमार, मान सिंह, नजीर मोहम्मद, रोशन लाल, सुरेंद्र सिंह, देसराज, सुदेश कुमार, गुरदित्ता मल, जफार अली, मान सिंह, सुरेंद्र कुमार, अशोक कुमार और नूर हुसैन का कहना है कि पानी तो यहां नियमित रूप से आ रहा है।
मगर जरा सी बारिश में पानी के साथ नाले की मिट्टी बहकर पहुंच रही है। ग्रामीणों ने आईपीएच विभाग से मांग की है कि जल्द फिल्टर बेड शुरू किया जाए। ताकि उन्हें साफ सुथरा पेयजल मिल सके। आईपीएच विभाग के सहायक अभियंता हंसराज ठाकुर का कहना है कि बीस हजार लीटर का वाटर स्टोरेज टैंक दो सप्ताह के भीतर शुरू किया जा रहा है। इससे ग्रामीणों को साफ पेयजल पीने को मिलेगा। फिल्टर बेड के मसले पर उन्होंने कहा कि इस बारे प्रस्ताव भेजा गया है। जैसे ही स्वीकृति मिलती है तो फिल्टर बेड का निर्माण करवा दिया जाएगा।