चंबा। जिले में जलजनित रोगों ने पांव पसारना शुरू कर दिया है। मेडिकल कॉलेज में विभिन्न जलजनित रोगों के करीब 70 नए मरीज दाखिल हुुए हैं। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज चंबा में दर्जनों मरीज दस्त-उल्टी, बुखार और पेट दर्द की शिकायत लेकर ओपीड़ी में इलाज करवाने के लिए पहुंच रहे हैं। मौसम परिवर्तन और पानी उबाल कर न पीना ही इसका मुख्य कारण माना जा रहा है।
गौरतलब हो कि जिले की सवा पांच लाख की आबादी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए मेडिकल कॉलेज चंबा पर ही निर्भर है।
मेडिकल कॉलेज चंबा में वर्तमान समय में जलजनित रोगों से ग्रस्त मरीज दर्जनों के हिसाब से पहुंच कर अपना इलाज करवा रहे हैं। वहीं, मेडिकल कॉलेज चंबा की ओपीडी में एक घंटे के भीतर दस से बीस मरीज दस्त-उल्टियों, बुखार और पेट दर्द की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।
इसमें से कई मरीजों की हालत को देखते हुए उन्हें दवाइयां प्रदान की जा रही हैं। वहीं, अधिक बीमार लोगों को मेडिकल कॉलेज चंबा में दाखिल किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज चंबा की ओपीडी में इलाज करवाने के लिए पहुंचे साहो निवासी हुक्म चंद, योगराज और प्रमोद का कहना है कि उन्हें पेट दर्द, सिरदर्द, बुखार और दस्त हैं। उन्होंने कहा कि वह अस्पताल में दवाइयां लेने के लिए पहुंचे हैं।
वहीं, रजेरा निवासी राजेंद्र कुमार और प्रदीप का कहना है कि उन्हें बीते रोज से ही दस्त और उल्टियां लगी है। हालांकि, उन्होंने ओआरएस का सेवन भी किया। बावजूद इसके वह स्वस्थ नहीं हो रहे हैं। सरोल निवासी किशन, सुरेद्र का कहना है कि उनके परिवार के अन्य सदस्य भी सिरदर्द, पेट दर्द से ग्रस्त हैं। वह परिवार के साथ दवाई लेने के लिए मेडिकल कॉलेज चंबा पहुंचे हैं। मेडिकल कॉलेज में जलजनित रोगियों की संख्या बढ़ने से जिला प्रशासन और स्वास्थ्य महकमा भी हरकत में आ गया है।
जलजनित रोगों के लक्षण
पेट दर्द रहना, सिरदर्द रहना, बुखार आना, दस्त और उल्टियां लगना।
जलजनित रोगों के बचाव के उपाय
पानी उबाल कर पीयें, बाजार से तले, भूने और कटे फलों का सेवन न करें, अधिक पक्के हुए फलों और सब्जियों का उपयोग न करें।