चंबा। फायर सीजन में जंगल को आग से बचाने के लिए वन विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली है। वन मंडल चंबा के अधीन आने वाले जंगलों की सुरक्षा करने के लिए हर ब्लॉक में फायर प्रोडक्शन टीम का गठन किया है। यह टीमें अपने-अपने ब्लॉक के जंगलों पर नजर रखेंगी। इससे जंगल में लगने वाली आग को भड़कने से पहले की बुझाने का प्रयास होगा। इसके अलावा टीमें जंगल में आग लगाने वाले शरारती तत्वों पर भी पैनी नजर रखेंगी।
अगर कोई जंगल में आग लगाता हुआ पकड़ा गया तो वन विभाग उसके खिलाफ पुलिस में केस दर्ज करवाएगा। ताकि दोषी को कड़ी सजा हो सके। इसके अलावा जंगल को आग से बचाने के लिए फायर कंट्रोल केंद्र भी बनाया गया है।
इसकी देखरेख का जिम्मा चंबा मंडल के वन मंडलाधिकारी के पास रहेगा। फायर सीजन में जंगल को आग से बचाने के लिए वन विभाग ने जिला स्तर पर कई जागरूकता अभियान चलाए। इसमें एक रैली का भी आयोजन किया गया। लोगों को वनों की मनुष्य जीवन में महत्व के साथ अन्य लाभों के बारे में जागरूक किया गया।
19 बीटों में रहती है आग लगने की ज्यादा संभावनाएं
चंबा में 19 बीटें चिन्हित की गई हैं, जहां पर आग लगने की ज्यादा संभावना रहती है। इन बीटों में हर वर्ष जंगल की आग लगने से लाखों रुपये की वन संपदा राख हो जाती है। इन बीटों पर वन विभाग विशेष ध्यान केंद्रित करेगा। ताकि आग से जंगल की संपदा को बचाया जा सके। जबकि कम संभावनाओं वाली बीटों पर भी विभाग की नजर रहेगी।
छह कमेटियों का किया गठन
फायर सीजन में जंगलों को आग से बचाने के लिए ब्लॉक स्तर छह सदस्यीय कमेटियों का गठन किया गया है। इसमें वन परिक्षेत्र अधिकारी, वन रक्षक सहित वन वर्कर सहित अन्य कर्मचारी शामिल किए गए हैं। यह कमेटियां जंगल की आग को बुझाने के साथ-साथ आग लगाने वालों पर अपनी नजर रखेगी। रोजाना कमेटी रिपोर्ट वन मंडलाधिकारी को देगी।
वन मंडलाधिकारी चंबा संजीव शर्मा ने बताया कि फायर सीजन में जंगलों को आग से बचाने के लिए विभाग ने पूरे इंतजाम कर लिए हैं। ब्लॉक स्तर पर कमेटियों का गठन किया गया है। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि वह जंगलों को आग से बचाने में विभाग का सहयोग करें। जंगलो ंमें आग लगाने वालों की सूचना विभाग को दें।