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महाविद्यालय अध्यापकों ने बायोमीट्रिक से हाजिरी का किया विरोध

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protest shimla - फोटो : demo pics
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अमर उजाला ब्यूरो

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चंबा। हिमाचल राजकीय महाविद्यालय अध्यापक संघ इकाई चंबा की बैठक का आयोजन राजकीय महाविद्यालय चंबा में किया गया। इसकी अध्यक्षता इकाई के प्रधान प्रो. लक्ष्मण पठानिया ने की। बैठक में महाविद्यालय अध्यापकों से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया और प्रस्ताव पारित किए गए। इस बारे में जानकारी देते हुए इकाई के सचिव डॉ. महिंद्र सलारिया ने कहा कि राज्य सरकार ने उच्च शिक्षा निदेशक के पद पर किसी प्रशासनिक अधिकारी (आईएएस/एचएएस) की नियुक्ति करने पर विचार किया जा रहा है।

बैठक में इकाई ने राज्य सरकार के इस प्रस्ताव की कड़ी निंदा की है। इसके साथ ही कहा कि जब हर विभाग का निदेशक उसी विभाग के कैडर का होता है तो उच्च शिक्षा के निदेशक पद पर प्रशासनिक अधिकारी क्यों? इसके अलावा महाविद्यालय अध्यापकों के लिए आधार आधारित बायोमीट्रिक मशीनों से हाजिरी लगवाने के निर्णय की भी आलोचना की गई।
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उन्होंने कहा कि महाविद्यालय के अध्यापकों का कार्य समय और कार्ययोजना अन्य विभागों के कर्मचारियों से अलग है, परीक्षा और प्रेक्टिकल के दौरान उन्हें समय से हटकर काम करना पड़ता है, इसके अलावा शोध कार्य सहित उन्हें राजपत्रित अधिकारी का दर्जा हासिल है। महाविद्यालय अध्यापकों की जायज मांगों को तो पूरा नहीं किया जा रहा है बल्कि दमनकारी नीतियां थोपी जा रही हैं।
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केंद्रीय कार्यकारिणी के आदेश और निर्देशानुसार इस निर्णय का विरोध किया गया। इसके अलावा 3 अप्रैल 2018 को एआईएफयूसीटीओ के तत्वावधान में दिल्ली में आयोजित होने वाले धरने के लिए भी ज्यादा से ज्यादा महाविद्यालय अध्यापकों से शामिल होने का आह्वान किया गया। चंबा जिले के सभी महाविद्यालयों में इस तरह के प्रस्ताव पारित कर केंद्रीय कार्यकारिणी और उच्च शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को भेजे गए।

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