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सलूणी में 21 प्राथमिक पाठशालाएं चल रही एक-एक अध्यापक के सहारे

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सूलणी के 21 स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई राम भरोसे
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स्कूलों में एक-एक अध्यापक, चार में डेपुटेशन पर चल रही पढ़ाई
अध्यापकों की कमी से बच्चों की पढ़ाई हो रही प्रभावित, अभिभावक चिंतित
अमर उजाला ब्यूरो
किहार (चंबा)। शिक्षा खंड सलूणी के अंतर्गत आने वाली 21 प्राथमिक पाठशालाएं एक-एक अध्यापक के सहारे चल रही हैं। इन स्कूलों में छात्रों की संख्या 40 से 60 के बीच है। मगर शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह से प्रभावित हो रही है। मजबूरी में इन स्कूलों में एक अध्यापक को ही बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ स्कूल प्रबंधन का कार्य भी देखना पड़ रहा है। इसकी वजह से अध्यापक बच्चों को अच्छी तरह से नहीं पढ़ा पाते हैं। इतना ही नहीं शिक्षा खंड के चार प्राइमरी स्कूल ऐसे भी हैं। जहां पर विभाग ने कोई अध्यापक ही तैनात नहीं किया गया है। इसमें राख, साहू, हंगोई और भद्रोह में पढ़ने वाले बच्चों की पढ़ाई डेपुटेशन पर आने वाले अध्यापकों के सहारे पर टिकी है। कई बार डेपुटेशन पर अध्यापक स्कूल नहीं पहुंच पाता है। इस दौरान छात्रों को मिड-डे मील खाकर घर लौटना पड़ता है। इन स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या प्रति स्कूल 40 से 60 के बीच में है। अभिभावक उत्तम कुमार, सुनील कुमार, मंजू बाला, मुकेश कुमार, देसराज, अमर सिंह, अशोक कुमार, हंसराज, रेखा देवी और पिंकी देवी ने बताया कि एक ओर सरकार स्कूलों में बेहतर शिक्षा देने की बात कर रही है। वहीं दूसरी ओर स्कूलों में अध्यापकों को तैनात नहीं किया जा रहा है। इसकी वजह से बच्चों की पढ़ाई अधूरी हो रही है। उन्होंने कहा कि सलूणी शिक्षा खंड के ज्यादातर स्कूल पहाड़ी क्षेत्रों में चल रहे हैं। यहां पर सड़क सुविधा का अभाव है। इसकी वजह से अध्यापक इन स्कूलों में सेवाएं नहीं देना चाहते हैं। यही कारण है कि उपरोक्त स्कूलों में अभी तक अध्यापकों के पद नहीं भरे गए हैं। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि उपरोक्त स्कूलों में अध्यापकों के खाली पद भरे जाएं।
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सरकार और उच्चाधिकारियों को करवा दिया है अवगत : रसालू राम
खंड शिक्षा अधिकारी रसालू राम ने बताया कि अधिकतर स्कूलों में अध्यापकों के पद खाली पड़े हैं। इसके बारे में सरकार और उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। जल्द ही अध्यापकों की तैनाती होने की उम्मीद है।
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