संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिले में हुई ताजा बर्फबारी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा कर रख दी हैं। वीरवार मध्यरात्रि से हो रही बर्फबारी का क्रम शुक्रवार पूरा दिन भर रुक-रुक कर चलता रहा। बर्फबारी से सड़कों के बाधित होने, फिसलन बढ़ने और पेड़ धराशायी होने से 14 सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थमी रही।
वहीं, हिमाचल पथ परिवहन निगम की चंबा-सलूणी रूट पर दो बसें और चंबा-चिलबंगला रूट पर एक बस फंस गई। बर्फबारी और मूसलाधार बारिश से जिले में 48 ट्रांसफार्मर बंद होने से ग्रामीण कड़ाके की ठंड में ठिठुरने को विवश दिखे। लिहाजा, लोग बिजली सें संचलित उपकरणों का भी इस्तेमाल नहीं कर पाए। वहीं बागवानी के लिए बारिश और बर्फबारी ने संजीवनी का काम किया है। बागवानों और किसानों को अब उम्दा फसल होने की आस हैं। बर्फबारी के कारण जिले में भारी बारिश और बर्फबारी से 77 ट्रांसफार्मर बंद पड़ने से सैकड़ों गांव अंधेरे में डूब गए। तीसा में 31, भटियात में 29, चंबा में नौ, भरमौर में आठ ट्रांसफार्मर तकनीकी खराबी से बंद पड़ गए। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे विभागीय कर्मियों ने मोर्चा संभाल कर मरम्मत कार्य आरंभ किया। कर्मियों ने देरशाम तक 29 ट्रांसफार्मरो को चालू कर दिया जबकि शेष 48 ट्रांसफार्मर चालू करने के लिए कर्मी शनिवार को भी मोर्चा संभालेंगे। बारिश और बर्फबारी से जिले के 40 रूटों पर वाहनों की रफ्तार शुक्रवार को थमी रही। इनमें चंबा के 12 मार्ग, तीसा के 16, सलूणी के 10 मार्गों और डलहौजी और पांगी का एक-एक मार्ग शामिल रहा। सड़कों पर रफ्तार पर लगने वाली ब्रेक के कारण नौकरीपेशा लोगों और दैनिक उपयोग की वस्तुओं को लाने के लिए लोगों को मीलों पैदल सफर तय करना पड़ा। बर्फ से होकर गुजरने में लोगों को खासी मशक्कत करनी पड़ी। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची विभागीय मशीनरी और लेबर ने देरशाम तक 26 सड़कों को यातायात के लिए बहाल करवा कर लोगों को राहत प्रदान की गई। शेष 14 सड़कों को लोक निर्माण विभाग शनिवार को बहाल करेगा।
एडीएम चंबा अमित मेहरा ने मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए भारी बारिश और बर्फबारी के चलते लोगों को बेवजह घरों से बाहर न निकलने का परामर्श दिया है। बताया कि विभागीय टीमें व्यवस्थाओं को सुचारू करने के लिए जुटी हुई हैं।