अग्निशमन केंद्र न होने से होती है दिक्कत
25 किमी दूर खड़ामुख से आती है गाड़ी
सरकार पर मांग की अनदेखी का लगाया आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
होली (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र होली की करीब 14 पंचायतें अग्निकांड से महफूज नहीं हैं। यहां अगर कोई अग्निकांड होता है तो घंटों गाड़ी पहुंचने में ही लग जाते हैं। ग्रामीण कई बार सरकार और प्रशासन से होली में अग्निशमन केंद्र खोलने की मांग तो कर चुके हैं लेकिन अभी तक धरातल पर कोई सकारात्मक पहल नहीं हो पाई है। इस गंभीर मसले पर सरकार का अनभिज्ञ रवैया बरकरार है।
जानकारी के मुताबिक जब भी यहां कोई अग्निकांड होता है तो खड़ामुख स्थित केंद्र से गाड़ी आती है। होली मुख्यालय से खड़ामुख की दूरी 25 किलोमीटर है जबकि, रास्ता भी खस्ताहाल है। ऐसे में इस गाड़ी को पहुंचने में एक से डेढ़ घंटे का समय लग जाता है। इससे अग्निकांड के कारण संपत्ति को ज्यादा नुकसान हो जाता है। स्थानीय लोगों विनोद कुमार, राज कुमार, अजय सिंह, देविया राम, सुतेंद्र सिंह, राकेश कुमार, नेक सिंह, रोशन लाल आदि का कहना है कि जनजातीय क्षेत्र होली में अग्निशमन केंद्र का अभाव है। उन्होंने बताया कि इसके बारे में सरकार को भी अवगत करवा चुके हैं लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हो पाई है। ऐसे में यहां पर अग्निकांड के दौरान होने वाले नुकसान से बचा नहीं जा रहा है। गौरतलब है कि होली क्षेत्र के तहत गरोला, सांह, होली, न्याग्रां, बजोल, दयोल कुठेड़, क्वारंसी, सियुंर, न्याग्रां, कुलेठ आदि पंचायतें आती हैं। यहां की आबादी बीस हजार से अधिक है लेकिन यहां के ग्रामीण अग्निकांड से महफूज नहीं हैं। ग्रामीणों ने भरमौर के विधायक डॉ. जनकराज से मांग की है कि इस मामले को सरकार के समक्ष उठाया जाए।
भरमौर विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. जनक राज का कहना है कि यह मामला उनके ध्यान में है। उन्होंने कहा कि सरकार को भी अवगत करवाया गया है। उम्मीद है कि सरकार इस मामले के बारे में विचार करेगी और अग्निशमन केंद्र की सौगात देगी।