चंबा। चंबा मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल की कैंटीन में बुधवार को स्वास्थ्य विभाग और विजिलेंस की संयुक्त टीम ने दबिश दी। जांच के दौरान स्वास्थ्य विभाग ने कई खाद्य उत्पादों के सैंपल भी भरे हैं। इनकी गुणवत्ता की जांच के लिए लैब में भेजा गया है। स्वास्थ्य विभाग और विजिलेंस की कार्रवाई से अस्पताल में हड़कंप मच गया। जिला खाद्य सुरक्षा नामित अधिकारी महेश कश्यप और जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी दीपक आनंद समेत उनकी टीम ने हॉस्टल कैंटीन में एमबीबीएस प्रशिक्षुओं के लिए बनने वाले खाने की गुणवत्ता की बारीकी से जांच की। इस दौरान उन्होंने संचालक को कैंटीन में सफाई व्यवस्था सुधारने के आदेश भी जारी किए। इसके साथ ही खाने की गुणवत्ता जांचने के लिए दहीं, बूंदी, चने की दाल और सेवियों का सैंपल भी भरा। इसे जांच के लिए विभाग की कंडाघाट लैब में भेजा जाएगा। अगर लैब में सैैंपल फेल हो गया, तो कैंटीन संचालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग को मेडिकल कॉलेज हॉस्टल कैंटीन के बारे में लंबे समय से शिकायतें मिल रही थी। इस संबंध में विजिलेंस को भी शिकायत की गई थी। इसको देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और विजिलेंस की टीम ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान कैंटीन संचालक को निर्देश दिए गए कि जो भी गली-सड़ी सब्जियां कैंटीन के भीतर रखी हैं, उन्हें बाहर फेंका जाए। दोबारा अगर कैंटीन में सड़ी हुई सब्जियां पाई आई तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा कैंटीन में घरेलू सिलेंडर का इस्तेमाल बंद करने को कहा गया। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य टीम ने हॉस्टल कैंटीन की गहनता से जांच की। कैंटीन की व्यवस्था सुधारने के लिए उन्हें तय समय दिया गया। इसके बाद दोबारा स्वास्थ्य टीम कैंटीन का जायजा लेगी।
शिकायतें मिलने पर की गई कैंटीन की चेकिंग:महेश कश्यप
जिला खाद्य सुरक्षा नामित अधिकारी महेश कश्यप ने बताया कि हॉस्टल कैंटीन में बनने वाले खाने को लेकर उनके पास शिकायतें आ रही थी। इसके चलते कैंटीन में जाकर खाने की जांच की गई। दो खाद्य उत्पादों के सैंपल भरे गए हैं। इन्हें जांच के लिए कंडाघाट लैब भेजा गया।