चंबा। अनुसूचित जाति एवं जनजाति एक्ट में संशोधन के विरोध में विभिन्न दलित संगठनों ने सोमवार को विरोध प्रदर्शन किया। इस मौके पर संगठनों ने सड़कों पर उतरकर अनुसूचित जाति एवं जनजाति एक्ट में किए गए बदलाव को लेकर रोष प्रकट किया।
संगठनों ने प्रदर्शन के माध्यम से नारेबाजी कर केंद्र सरकार से निर्देशों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने का आग्रह किया है। वहीं दूसरी ओर भारत बंद के आह्वान पर जिले के समस्त बाजार खुले रहे। चंबा बाजार, सिहुंता, नकरोड़, तीसा, भंजराड़ू, चुवाड़ी, सलूणी, भरमौर, होली धरवाला बाजार में भारत बंद का असर देखने को नहीं मिला।
वहीं, दूसरी और जिले में बसों की आवाजाही भी सुचारू रूप से जारी रही। इस मसले को लेकर आयोजित धरने प्रदर्शन में चंबा अनुसूचित जाति कल्याण संघ, अंबेडकर मिशन सोसायटी चंबा, वाल्मीकि सभा चंबा, भीमा बाई महिला मंडल चंबा और गुरू रविदास सभा चंबा के पदाधिकारियों ने भाग लिया।
धरना प्रदर्शन में मौजूद चंबा अनुसूचित जाति कल्याण समिति अध्यक्ष केल शाह, अंबेडकर मिशन सोसायटी के चेयरमैन शिवकरण चंद्रा, जितेश्वर सूर्या, जितेंद्र सूर्या, लांबो देवी, अनूप राही ने उपायुक्त हरिकेश मीणा के माध्यम से देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री केे ज्ञापन भेजा। दलित संगठनों के पदाधिकारियों ने निर्देशों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचारयाचिका दायर करने का आग्रह केंद्र सरकार से किया है।
पदाधिकारियों कहना है सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ केंद्र सरकार ने भी कोई पुनर्विचार याचिका दाखिल नहीं की है। इससे केंद्र सरकार का दलित विरोधी रवैया साफ हो जाता है। उनका कहना है कि इससे दलितों पर होने वाले अत्याचारों में बढ़ोतरी होगी और उन्हें मिलने वाले इंसाफ की उम्मीद और कम हो जाएगी। इसी रोष में देश भर में दलित संगठनों ने सोमवार केे भारत बंद का आह्वान किया था।
वहीं दूसरी तरफ इस प्रदर्शन को लेकर उपायुक्त कार्यालय के समीप पर्याप्त पुलिस बल प्रदर्शन के दौरान तैनात रहा। देश की सर्वोच्च अदालत ने एससी/एसटी एक्ट के संबंध में सुनाए गए फैसले से दलित समुदाय में काफी रोष है। इसके चलते अनुसूचित जाति, जनजाति संगठनों ने भारत बंद कर आह्वान किया था। बावजूद इसके जिला मुख्यालय सहित आसपास के क्षेत्रों में भारत बंद का कोई भी असर होता नहीं दिखा।