चंबा। विकासात्मक कार्यों को अधर में लटकाने वाले ठेकेदारों पर लोक निर्माण विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसके तहत अब विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है ताकि सड़क और अन्य विकास कार्यों को गति प्रदान की जा सके। कार्रवाई करते हुए लोनिवि मंडल सलूणी ने आठ ठेकेदारों को विकास कार्यों को अधर में लटकाने पर नोटिस जारी किए हैं। नोटिस के माध्यम से ठेकेदारों को 15 दिनों के भीतर कार्यों को शुरू करने के बारे में चेताया गया है। कार्य आरंभ न करने पर ठेकेदारों के टेंडर रद्द भी किए जा सकते हैं। इससे ठेकेदारों में हड़कंप मच गया है।
गौरतलब हो कि जिले के सड़क सुविधा से अछूते गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने और नालों-खड्डों पर पुलों का निर्माण करवाने के लिए लोनिवि अपने स्तर पर प्रयास कर रहा है। बावजूद इसके कई मर्तबा लोगों द्वारा सड़कों के निर्माण के रास्ते में आने वाली निजी जमीन तो कभी विकासात्मक कार्यों के ठेके लेने वाले ठेकेदार ही कार्यों को लटका रहे हैं। इस वजह से आज भी कई गांव सड़क सुविधा से महरूम हैं तो वहीं कई पुलों का कार्य अधर में लटका हुआ है।
इसका खामियाजा सड़क सुविधा से जुड़ने की आस लिए बैठे लोगों को उठाना पड़ता है। ऐसे में अब लोनिवि मंडल सलूणी विकासात्मक कार्यों को अधर में लटकाने वाले ठेकेदारों पर कार्रवाई करने का फैसला लिया है। इसको देखते हुए लोनिवि मंडल सलूणी ने आठ ठेकेदारों को नोटिस जारी किए हैं। यह ठेकेदार ऐसे हैं जिन्होंने विकासात्मक कार्यों के कार्यों का टेंडर हासिल करने के बाद सड़क, पुल, ब्लैक स्पॉट सहित अन्य कार्यों को शुरू नहीं किया है।
यह कार्य अधर में लटके
भांदल-पनोगा मार्ग पर पुल, टिकरी-भटोली मार्ग, संपर्क मार्ग पलका, कोटी-जंक्शन से कोटी पुल, समोगा-धमावल मार्ग, पठानकोट-बनीखेत-चंबा-तीसा मार्ग पर स्थित ब्लैक स्पॉट, संपर्क मार्ग चकलू-मार्ग नगल सराय (टूरिस्ट हट), मसरूंड-कुहाल वाया चलुंज मार्ग पर क्रेट वर्क का कार्य आरंभ होने से पूर्व ही अधर में लटके हैं।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अरूण पठानिया ने बताया कि सलूणी मंडल के तहत परिक्षेत्र में विभिन्न विकासात्मक कार्य अधर में लटकाने वाले आठ ठेकेदारों को नोटिस जारी किए गए हैं। अगर ठेकेदारों ने 15 दिन के भीतर काम शुरू नहीं किया तो उसका टेंडर रद्द कर दिया जाएगा।