अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। स्वाइन फ्लू वायरस की चपेट में आने से चंबा में पहली मौत का मामला सामने आया है। यह मरीज टांडा मेडिकल कॉलेज में उपचाराधीन था। यहां 28 मार्च को मरीज ने दम तोड़ दिया है। हैरानी की बात तो यह है कि चंबा में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इस बारे में अभी तक कोई जानकारी ही नहीं है। जबकि स्वाइन फ्लू वायरस से मरने वाले व्यक्ति के गांव में स्वास्थ्य टीम का जाना जरूरी था। ताकि वहां पर इस बात को पुख्ता किया जा सके कि गांव या मरीज के परिवार के अन्य सदस्य भी इससे संक्रमित तो नहीं हुए है।
मगर अभी तक स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस तरह की कोई भी प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिल रही है। विभाग को इतनी जानकारी नहीं है कि मरने वाला व्यक्ति जिले के कौन से क्षेत्र से संबंध रखता है। इससे साफ जाहिर है कि स्वास्थ्य विभाग चंबा में इन गंभीर बीमारियों से लड़ने के लिए कितना सक्रिय है।
जानकारी के अनुसार अभी तक चंबा के 11 लोग स्वाइन फ्लू वायरस की चपेट में आ चुके हैं। एक मरीज चंबा मेडिकल कॉलेज में भर्ती है। जबकि दस मरीज टांडा मेडिकल कॉलेज में अपना उपचार कर रहे थे। इनमें से एक मरीज की दो दिन पहले ही मौत हो गई। इसकी अपडेट विभाग की ओर से ऑफिशियल वेबसाइट में डाल दी गई है।
जिससे संबंधित जिले या क्षेत्र में विभाग गंभीर बीमारी से लड़ने की तैयारी कर सके। चंबा में विभाग की ऐसी कोई भी कार्यप्रणाली देखने को नहीं मिल रही है। विभागीय अधिकारियों को इस बात की जानकारी ही नहीं है कि चंबा कोई कोई व्यक्ति स्वाईन फ्लू की चपेट में आने से मरा भी है। इससे साफ पता चलता है कि विभागीय अधिकारी स्वयं अपनी वेबसाइट की अपडेट को नहीं देखते।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वाईडी शर्मा ने बताया कि उनके ध्यान में अभी तक इस बारे कोई जानकारी नहीं है। जल्द ही इसका पूरा पता लगाया जाएगा। इसके बाद जो भी कार्रवाई अमल में लानी चाहिए, उसे लाया जाएगा। ताकि अन्य लोग इस वायरस की चपेट में न आएं।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनोद शर्मा ने बताया कि ऑफिशियल वेबसाइट से उन्हें इस बारे में जानकारी मिली है। इसको लेकर टांडा मेडिकल कॉलेज प्रशासन से मरीज का पता लेने के प्रयास किए जा रहे हैं। जिससे मरीज के गांव में स्वास्थ्य टीम को भेजकर अन्य लोगों को जागरूक किया जा सके।