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सलूणी के सौ गांव आजादी के बाद भी सड़क से कोसों दूर

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road shimla - फोटो : demo pic
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दिनेश राणा

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सलूणी (चंबा)। विकास खंड सलूणी की आधा दर्जन पंचायतों के 100 गांव आजादी के बाद भी सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाए हैं। ग्रामीणों को आज भी पैदल सफर करना पड़ रहा है। ग्राम पंचायत सलूणी, खरल, खरोटी, किलोड़, सूरी और सियुला के 100 से अधिक गांव सड़क से वंचित हैं। इन गांव में 15 हजार आबादी रहती है जोकि लंबे समय से सड़क सुविधा की मांग कर रही है। मगर किसी भी सरकार ने इन गांवों को सड़क से जोड़ने का प्रयास नहीं किया। इसकी वजह से ग्रामीणों में भारी रोष है। प्रदेेश में कांग्रेस और भाजपा दोनों की सरकारें बनी। मगर उपरोक्त पंचायत के गांव जो सड़क से अछूते थे, वहां तक सड़क नहीं पहुंचाई गई।
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ग्रामीण संजय कुमार, रवि कुमार, लेखराज, मान सिंह, टेक चंद, तुला राम और सोभिया राम ने बताया कि उपरोक्त पंचायतों के अधीन आने वाले देवगाह, सुकड़ा, लेहनाई, मुंढ़ाह, गुमराह, सूरी, मल्ला, बिशुबग, रौण, कैमली-दो, कोटला, जटोता, भेलू, खिसला, किलोड़, लुहानी और पंडेरी समेत अन्य गांव ऐसे हैं, जोकि आजादी के बाद भी सड़क से नहीं जुड़ पाए हैं। ऐसा नहीं है कि ग्रामीणों ने सड़क की मांग न की हो। सड़क बनाने को लेकर कई बार ग्राम सभा में प्रस्ताव पास किए गए। इन्हें स्वीकृति के लिए लोनिवि और प्रशासन को भेजा गया। मगर आज दिन तक उन प्रस्तावों पर कोई गौर नहीं किया गया। यही वजह है कि उपरोक्त गांव आज भी सड़क सुविधा से महरूम है। सड़क के नाम पर ग्रामीणों को मात्र आश्वासन ही मिले है। लोनिवि के अधिशाषी अभियंता अरुण पठानिया ने बताया कि पंचायतों के गांव को सड़क से जोड़ने के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है। कई स्थानों पर सर्वे भी हो चुका है। जल्द ही उपरोक्त गांव को सड़क से जोड़ा जाएगा।

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