चंबा। राजकीय उच्च पाठशाला भिद्रोह में छठे दिन भी छात्रों ने कक्षाओं का बहिष्कार किया। छात्रों और अभिभावकों की एक ही मांग है कि स्कूल में अध्यापकों के खाली पड़े पदों को शीघ्र भरा जाए। मगर सरकार और शिक्षा विभाग उनकी मांग को पूरा नहीं कर पा रहे हैं। इसकी वजह से छात्रों को हड़ताल करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। स्कूल में शिक्षा ग्रहण करने वाले 61 छात्र-छात्राएं सरकार से बार-बार अध्यापकों की नियुक्ति करने की मांग कर रहे हैं। स्कूल प्रबंधन समिति अध्यक्ष ताजदीन खान ने बताया कि छात्रों को हड़ताल करते हुए छह दिन हो चुके हैं।
मगर अभी तक शिक्षा विभाग की ओर से कोई अधिकारी बच्चों से बात करने नहीं पहुंचा। इसकी वजह से अभिभावकों का गुस्सा और भड़क गया है। मंगलवार को सभी अभिभावक छात्र-छात्राओं को लेकर सलूणी-किहार मार्ग पर कैंथली पुल के पास चक्का जाम करेंगे। इस दौरान मार्ग से किसी भी वाहन को गुजरने नहीं दिया जाएगा। चक्का जाम तब तक नहीं खोला जाएगा, जब तक उनकी मांग को पूरा नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि एक ओर प्रदेश सरकार शिक्षा के बेहतरी को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही है। वहीं दूसरी तरफ स्कूलों में अध्यापकों के रिक्त पद नहीं भरे जा रहे हैं। इससे पता चलता है कि सरकार की कथनी और करनी में कितना अंतर है। उन्होंने कहा कि चक्का जाम के बाद भी उनकी मांग पूरी नहीं हुई, तो सभी अभिभावक और छात्र शिक्षा विभाग के कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ जाएंगे।
इन विषयों के अध्यापकों के पद खाली
स्कूल में मुख्याध्यापक का पद खाली पड़ा है। इसके अलावा टीजीजी नॉन मेडिकल, मेडिकल, एलटी, कला अध्यापक, शास्त्री और पीटीई का पद भी खाली है। स्कूल मेें मात्र टीजीटी आर्ट्स का इकलौता अध्यापक सेवाएं दे रहा है।