सरोल (चंबा)। रावी नदी पर बने परेल पुल के गिरने के बाद अब पुल निर्माण की उच्च स्तरीय जांच की मांग उठने लगी है। लोग स्पष्ट कह रहे हैं कि यह पुल वाहन गुजरने के बाद काफी हिलता था और पुल के बीच में रखा गया स्पेस साल दर साल बढ़ता जा रहा था। परेल पुल गिरने के बाद अमर उजाला टीम ने परेल पुल के गिरने के कारणों पर लोगों की राय ली।
सिद्धपुरा निवासी सतीश कुमार का कहना है कि परेल पुल पर अकसर घूमने आते हैं। इतने कम समय में पुल का गिरना ठेकेदार व लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान उठा रहा है। उनके मुताबिक पुल निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
सिद्धपुरा निवासी एनो राम का कहना है कि शाम व सुबह के वक्त पुल में काफी भीड़ रहती है। लोग घूमने के लिए रोजाना आते है। गनीमत यह रही कि पुल ऐसे समय में गिरा जब लोग कम थे। अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। सिद्धपुरा निवासी गुरुवचन सिंह का कहना है कि पुल का गिरना कई सवाल खड़े कर गया है। कहा कि इस मामले की गहनता से छानबीन होनी चाहिए। साथ ही प्रशासन को भी घायलों की हरसंभव सहायता करनी चाहिए।
हरीश ठाकुर कहते हैं कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह पुल तीसा उपमंडल को जोड़ता था। हालांकि तीसा के लिए अन्य सड़क भी है। लेकिन यह सरोल, हरिपुर, कियाणी व राजपुरा सहित तीसा क्षेत्र के लिए शॉर्टकट था।