तीसा (चंबा)। भंजराडू-सनवाल मार्ग पर दस दिन पहले लाखों रुपये की लागत से डाली गई तारकोल उखड़ चुकी है। इससे लोगों ने कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। इससे लोगों को बेहतर सड़क की खुशी भी कुछ दिनों में ही धूमिल हो गई है। वहीं उन्हें एक बार फिर गड्डों भरी सड़कों में हिचकोले खाने पड़ रहे हैं। वहीं विभाग का तर्क है कि बारिश और वाहनों की वजह से सड़क पर यह गड्डे पड़े हैं यानि कार्य की गुणवत्ता पूरी तरह से ठीक है। मगर बारिश के दौरान करवाई गई इस टारिंग में विभाग की लापरवाही भी सामने आ रही है। इस मार्ग पर कालोनी मोड से डोरी तक ढाई किमी सड़क के भाग पर दस दिन पहले ही तारकोल डाली गई थी। ऐसे में तारकोल का इतनी जल्दी उखड़ जाना लोगों की समझ से भी परे है।
ग्रामीण अशोक कुमार, सुनील, अमर चंद, नानक देव, होशियार सिंह, कमल कुमार, देवराज, प्रहलाद, ओंकार सिंह, मस्त राम और भानू प्रताप ने बताया कि उपरोक्त मार्ग पर ठेकेदार ने तारकोल डाली है। उन्होंने कहा कि उपरोक्त मार्ग की हालत लंबे समय से खराब चल रही थी। लोग मार्ग पर तारकोल डालने को लेकर मांग भी कर रहे थे। मगर जब तारकोल डाली गई, वह दस दिन में ही उखड़ गई। ऐसे ही तारकोल उखड़ती रही तो सड़क की हालत दोबारा से पहले जैसी हो जाएगी। ऐसे में वाहन चालकों और राहगीरों की समस्या कम होने की बजाये बढ़ जाएगी। उन्होंने प्रशासन और विभाग से मांग की है कि मामले की गंभीरता से जांच की जाए।
ठेकेदार पांच साल तक करवाएगा सड़क की मरम्मत : हर्ष पुरी
अधिशाषी अभियंता हर्ष पुरी ने बताया कि उपरोक्त सड़क में डाली गई तारकोल की थिकनेस को चेक करने के लिए विभाग ने जांच की थी। इस दौरान उखाड़ी गई सड़क पर बारिश होने और वाहनों की आवाजाही से यह गड्ढे पड़े हैं। ठेकेदार पांच साल तक सड़क की मरम्मत करवाएगा।