चंबा। चंबा में चल रही सेना भर्ती में आने वाले युवाओं के कान साफ करने के नाम पर झोलाछाप डॉक्टर उनकी सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। झोलाछाप डॉक्टर सुई की नोक जितने पैने औजार से युवाओं के कान की सफाई कर रहे हैं। इस दौरान कुछ युवाओं के कान से खून भी निकल आया। मगर झोलाछाप डॉक्टर युवाओं को गुमराह कर उनकी सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। यह पूरा खेल चंबा चौगान में सरेआम चल रहा है। हैरानी की बात यह है कि झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई करने को स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई कदम नहीं नहीं उठाए जा रहे हैं। जबकि चंबा में सेना की भर्ती देने के लिए हजारों की संख्या में युवा पहुंच रहे हैं।
भर्ती प्रक्रिया में शारीरिक दक्षता के दौरान कान के मैल की भी जांच होती है। मैल की वजह से युवा भर्ती से न बाहर हो जाएं। इसका फायदा उठाकर झोलाछाप डॉक्टर उनकी सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। भर्ती होने के साथ कान का इलाज करने वाले दो दर्जन झोलाछाप डॉक्टर भी यहां पहुंच चुके हैं। जो युवाओं से कान साफ करने के नाम पर 100 से 200 रुपये ऐंठ रहे हैं। जबकि कान साफ करने का यह तरीका किसी भी तरह से सुरक्षित नहीं है।
झोलाछाप डॉक्टरों से कान साफ करवाने के बाद कुछ युवाओं के कान से खून बहना शुरू हो गया। ऐसे युवाओं को उपचार के लिए जब चंबा मेडिकल कॉलेज के ईएनटी में जाना पड़ा। यहां विशेषज्ञ ने उनके कान का उपचार किया गया। इसके साथ ही युवाओं को ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों से बचने की सलाह दी।
ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. राकेश ठाकुर ने बताया कि कान की सफाई जल्दी में नहीं हो सकती। कान के मैल को देखकर उसकी सफाई करने का तरीका एहतियात बरतते हुए करना पड़ता है। जरा सी चूक कान के पर्दे को नुकसान पहुंचा सकती है। जो युवा झोलाछाप डॉक्टरों से जल्द कान साफ करवा रहे हैं। उन्हें बाद में कान की बीमारी का भी सामना करना पड़ सकता है।