अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। जलवाहकों की मांगों को लेकर अन्न-जल त्याग बैठे संघ के प्रदेशाध्यक्ष गजेंद्र ठाकुर का आंदोलन मंगलवार को दूसरे दिन में प्रवेश कर गया। गजेंद्र ठाकुर राजकीय प्राथमिक पाठशाला त्रैणा में अन्न-जल त्यागकर सरकार के खिलाफ अपना रोष प्रकट कर रहे हैं। गजेंद्र ठाकुर ने बताया कि मंगलवार को स्कूल में उन्हें हाजिरी नहीं लगाने दी गई। गजेंद्र ठाकुर का कहना है कि स्कूल में जो उनका काम है, वो पूरी ईमानदारी से कर रहे हैं। सोमवार को तो उनकी हाजिरी लग गई लेकिन मंगलवार को दोपहर बाद लगने वाली हाजिरी उन्हें नहीं लगाने दी। जो सरासर गलत है। गजेंद्र ठाकुर ने बताया कि प्रशासन की ओर से पुलिस सुरक्षा नहीं दी गई है। एक पुलिस कर्मचारी का उन्हें फोन आया कि वे स्कूल से उठकर पल्यूर में आ जाएं। गजेंद्र ठाकुर ने बताया कि वे जलवाहकों के नियमितीकरण के लिए मांग उठा रहे है लेकिन सरकार महज आश्वासन ही दे रही है। इसके चलते जलवाहकों का भविष्य अंधकार की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार जल्द ही जलवाहकों को नियमित नहीं करती है तो वह आत्मदाह तक करने से भी गुरेज नहीं करेंगे।
इस मामले को लेकर प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय के निदेशक मनमोहन शर्मा ने बताया कि यह मामला सरकार के विचाराधीन है। अगर आंदोलनरत जलवाहक स्कूल में हड़ताल के दौरान अपनी सेवाएं दे रहा है तो उसकी हाजिरी लगनी चाहिए। इस बारे प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक व संबंधित ब्लॉक एलीमेंटरी एजुकेशन ऑफिसर को निर्देश दे दिए जाएंगे।
उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन
प्रदेशाध्यक्ष के अन्न-जल त्यागने के बाद मंगलवार को भी अंशकालीन जलवाहकों ने जिलाध्यक्ष की अगुवाई में उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा और जल्द से जल्द नियमितीकरण की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में शामिल जिलाध्यक्ष सुरेखा ने बताया कि प्रदेशाध्यक्ष ने अन्न-जल त्याग दिया है। अभी तक प्रशासन व सरकार की ओर से कोई निर्देश नहीं जारी किए हैं।