मिंजर मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए ऑडिशन दता बच्चा।
- फोटो : Chamba
चंबा। वैश्विक महामारी कोरोना के बाद हो रहे मिंजर मेले की सांस्कृतिक संध्याओं में अपने हुनर का जलवा बिखेरने के लिए हुनरबाज राजकीय बाल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चंबा में ऑडिशन के लिए पहुंचे। प्रथम चरण के ऑडिशन में चंबा उपमंडल के 115 हुनरबाजों ने अपनी कला का जादू दिखाकर निर्णायक मंडल का दिल जीतने का प्रयास किया।
ऑडिशन के दौरान चंबयाली संस्कृति की झलक भी दिखी। इस दौरान बच्चे, युवा और बुजुर्ग भी ऑडिशन का हिस्सा बने। उन्होंने पहाड़ी, पंजाबी, हिंदी, पॉप, समूह गीत, समूह नृत्य, एकल गीत और नृत्य की प्रस्तुतियां दीं। कीड़ी क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले कलाकार ने खंजरी रूमाना के माध्यम से गीत प्रस्तुत किया। संगीत अकादमी में संगीत का प्रशिक्षण ले रहे हुनरबाज ने गजल की प्रस्तुति देकर सबको दंग कर दिया।
इस दौरान नन्हें बच्चों ने भी तबला वादन कर सबको आकर्षित करने का प्रयास किया। अब दूसरे चरण के तहत 16 जुलाई को उपमंडल भरमौर और पांगी के हुनरबाज ऑडिशन देंगे। 18 जुलाई को सलूणी और तीसा उपमंडल, 19 जुलाई को भटियात, डलहौजी, जबकि 20 जुलाई को बाहरी कलाकारों के लिए ऑडिशन होंगे। मिंजर मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने वाले कलाकारों के चयन हेतु पांच सदस्यीय निर्णायक समिति में जिला भाषा अधिकारी तुकेश शर्मा, डीएसपी अजय कपूर, चिकित्सक करण हितैषी आदि मौजूद रहे।