अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। चंबा मेडिकल कॉलेज के इमरजेेंसी वार्ड में तैनात स्टाफ नर्सों ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिकित्सा अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा है। साथ ही मांग की कि इमरजेंसी में कार्य करने वाली स्टाफ नर्सों की सुरक्षा के लिए सुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ाई जाए। मरीजों के साथ आने वाले तीमारदार अकसर उनके साथ दुर्व्यवहार करते हैं। इसकी वजह से उन्हें मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। किसी मरीज को अगर डॉक्टर की सेवाएं समय पर नहीं मिल पाती, तो उसका गुस्सा भी स्टाफ नर्सों पर ही निकाला जाता है। इमरजेंसी वार्ड में स्टाफ नर्सें 24 घंटे तैनात होती हैं। उन्होंने चिकित्सा अधीक्षक से मांग की कि वार्ड में डॉक्टरों की संख्या में बढ़ोतरी की जाए। जिससे मरीजों को ओर ज्यादा बेहतर सेवाएं इमरजेंसी में मिल सकेें। स्टाफ नर्सों का कहना है कि वार्ड में पुरुषों और महिलाओं को इंजेक्शन स्टाफ नर्सों को ही लगाने पड़ते हैं। इसलिए पुरुषों को इंजेक्शन लगाने के लिए अलग से व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही नर्सों की सुरक्षा को लेकर विशेष प्रबंध किए जाएं। डर के साय में नर्सों को ड्यूटी करने में परेशानी हो रही है। सबसे ज्यादा परेशानी रात को और दुर्घटना के केस आने पर होती है। इन दोनों परिस्थितियों में आने वाले मरीजों के तीमारदार काफी परेशान हैं। छोटी से बात पर भड़क उठते हैं। दो दिन पहले भी स्टाफ नर्सों को बिना वजह तीमारदारों की खरी खोटी सुननी पड़ी थी। इसलिए समस्या का स्थायी हल होना आवश्यक है।
इनसेट
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनोद शर्मा ने बताया कि अपनी सुरक्षा को लेकर स्टाफ नर्सें उनके साथ मिली हैं। उनकी सुरक्षा को लेकर सुरक्षा कर्मी बढ़ाए जाएंगे। इसके साथ ही सीसीटीवी भी इमरजेंसी में लगाए जाएंगे। जिससे दुर्व्यवहार करने वाले पर नजर रखी जा सके। इसके साथ ही उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।