चंबा। असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर ने प्रदेश में डॉक्टर की पर्ची के बिना बिकने वाली इंसुलिन सीरिंज की बिक्री पर रोक लगा दी है। अगर कोई केमिस्ट डॉक्टर की पर्ची के बिना इंसुलिस सीरिंज बेचता हुआ पकड़ा गया, तो उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। युवाओं का नशा लेने के लिए इस्तेमाल करने की घटनाओं को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। इसको लेकर प्रदेश के सभी केमिस्टों को दवा निरीक्षक की ओर से फरमान जारी किए जा चुके हैं। इतना ही नहीं केमिस्टों को इंसुलिन सीरिंज की बिक्री का पूरा रिकॉर्ड अपने पास रखना होगा। उनके पास कितनी सूइयां आई, कितनी बेची और कितना स्टॉक शेष बचा है। इस रिकॉर्ड की भी नियमित रूप से जांच की जाएगी। ताकि इंसुलिन सीरिंज का नशा लेने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सके।
ड्रग विभाग को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थी कि इंसुलिन सीरिंज का प्रयोग युवा नशा करने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। इसको लेकर प्रदेश के सभी ड्रग इंस्पेक्टरों ने एक रिपोर्ट बनाकर असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर को भेजी है। रिपोर्ट पर गंभीरता से कार्य करते हुए असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर ने इंसुलिन सीरिंज का नशे में हो रहे इस्तेमाल को देखते हुए इसकी अवैध बिक्री बंद करने का निर्णय लिया। इसके लिए उन्होंने प्रदेश के सभी ड्रग इंस्पेक्टरों को अधिसूचना जारी की है। असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर के निर्देशानुसार चंबा में कार्यरत ड्रग इंस्पेक्टर नरेंद्र ठाकुर ने जिले के 250 केमिस्टों को इंसुलिन सीरिंज को डॉक्टर की पर्ची के बिना नहीं बेचने के आदेश दिए हैं। इसकी अवहेलना करने वाले केमिस्टों के लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे।
ड्रग इंस्पेक्टर नरेंद्र ठाकुर ने बताया कि इंसुलिन सीरिंज का नशा लेने के लिए इस्तेमाल में हो रहा था। इसके चलते यह निर्णय लिया गया है। अब कोई केमिस्ट डॉक्टर के पर्ची के बिना इंसुलिन सीरिंज को बेचता हुआ पकड़ा गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।