चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में अगले सप्ताह दूरबीन के जरिये पित्त की पत्थरी के ऑपरेशन शुरू होंगे। इसके लिए अस्पताल प्रबंधन ने मशीन को खरीदने की सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। लेप्रोस्कोपी मशीन खरीदने के लिए प्रबंधन की ओर से दो कंपनियों को बुुलाया है। दोनों कंपनियां अपनी-अपनी कंपनी की मशीनों का डेमो दिखाएगी। वीरवार को एक कंपनी ने अपना डेमो दिखाया। जबकि शुक्रवार को दूसरी कंपनी अपनी मशीन का डेमो दिखाएगी। इसके बाद प्रबंधन सबसे बढ़िया मशीन को खरीदने का ऑर्डर संबंधित कंपनी को देगा। यह सारी प्रक्रिया महज पांच दिनों के भीतर पूरी हो जाएगी।
अगले सप्ताह मेडिकल कॉलेज में लेप्रोस्कोपी मशीन स्थापित की जाएगी। प्रबंधन ने अगले सप्ताह लेप्रोस्कोपी से पित्त की पत्थरी करने के लिए दो मरीजों पर परीक्षण भी किया जाएगा। इसके लिए पूरी तरह स्वस्थ मरीजों का चयन किया जाएगा।
लेप्रोस्कोपी मशीन को स्थापित करने के लिए ऑपरेशन थियेटर तैयार हो चुके हैं। दो दिनों में डेमो प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। अगले सप्ताह दो मरीजों के लेप्रोस्कोपी के जरिए पित्त की पत्थरी के ऑपरेशन शुरू हो जाएंगे। लेप्रोस्कोपी से पित्त की पत्थरी के ऑपरेशन शुरू होने से जिले की छह लाख आबादी को लाभ मिलेगा। अस्पताल में तैनात सर्जनों को लेप्रोस्कोपी से ऑपरेशन करने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। डेमो प्रक्रिया में प्राचार्य डॉ. अनिल ओहरी, उप प्राचार्य डॉ. एमएल शर्मा सहित अन्य स्टाफ मौजूद रहा।
लेप्रोस्कोपी से ऑपरेशन के फायदे
लेप्रोस्कोपी से पित्त की पत्थरी करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें चीर फाड़ नहीं होती। छोटे से छेद के जरिये पित्त की पत्थरी को निकाला जाएगा। इसमें मरीज को दर्द भी कम होगा। ऑपरेशन के कुछ घंटो के बाद मरीज को छुट्टी भी मिल जाएगी। पहले कई दिनों तक अस्पताल में भर्ती होना पड़ता था।
अगले सप्ताह शुरू होंगे ऑपरेशन : डॉ. ओहरी
मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. अनिल ओहरी ने बताया कि लेप्रोस्कोपी मशीन की डेमो प्रक्रिया चल रही है। अगले सप्ताह अस्पताल में मरीजों के लेप्रोस्कोपी के जरिये पित्त की पत्थरी के लेप्रोस्कोपी किए जाएंगे। अब मरीजों को लेप्रोस्कोपी से ऑपरेशन करवाने के लिए जिले से बाहर नहीं जाना होगा।