अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। गुणवत्ता रहित मिर्च पाउडर बेचने वाले कारोबारी बाप-बेटे को छह महीने की कैद के साथ एक हजार रुपये जुर्माने की सजा हुई है। यह फैसला चंबा सेशन कोर्ट की अदालत ने सुनाया है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में बाप-बेटे को डेढ़ माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
जानकारी अनुसार वर्ष 2016 में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लचोड़ी नामक स्थान में दबिश देकर खाद्य वस्तुओं के सैंपल भरे थे। सभी सैंपल जांच के लिए कंडाघाट लैब भेजे गए थे। यहां पर लाल मिर्च पाउडर का सैंपल फेल हो गया। इसकी रिपोर्ट आने पर विभाग ने सीजेएम कोर्ट में केस दायर किया। यहां सीजेएम कोर्ट की अदालत ने दुकानदारों को छह महीने की कैद और एक हजार जुर्माने की सजा हुई। केस की पैरवी स्वयं जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी दीपक आनंद कर रहे थे। सीजेएम कोर्ट में सजा होने के बाद दुकानदारों ने सेशन कोर्ट में अर्जी दायर कर दी। यहां पर सेशन कोर्ट ने दुकानदारों को गलत ठहराते हुए उपरोक्त सजा को बरकरार रखा है। ऐसे में अब मिर्ची पाउडर बेचने वाले कारोबारी बाप-बेटे को छह माह की कैद भुगतनी होगी। साथ ही एक हजार रुपये जुर्माना भी चुकाना होगा। जुर्माना नहीं देने की स्थिति में बाप-बेटे को डेढ़ माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी दीपक आनंद ने टीम के साथ मिलकर मिलावटी खाद्य वस्तुएं बेचने वालों के खिलाफ अभियान छेड़ा है। समय-समय पर उनकी टीम शहर और आसपास के इलाकों में जाकर खाद्य वस्तुओं की जांच कर रही है। खाद्य पदार्थों के गुणवत्ता में फेल होने पर संबंधित दुकानदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जा रही है। ताकि लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ नहीं हो सके। जिला में खाद्य वस्तुएं बेचने वाले दुकानदारों के लाइसेंस और खाद्य वस्तुओं की गुणवत्ता की जांच आगे भी जारी रहेगी।
दुकानदारों को हुई सजा : महेश कश्यप
जिला खाद्य सुरक्षा नामित अधिकारी महेश कश्यप ने बताया कि मिर्ची पाउडर बेचने वाले बाप-बेटे को अदालत ने छह महीने की सजा सुनाई है। इसके साथ उन्हें एक हजार रुपये जुर्माना भी देना होगा। जुर्माना नहीं देने की स्थिति में उन्हें डेढ़ माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।