अमर उजाला ब्यूरो
तीसा (चंबा)। ग्राम पंचायत खजुआ के सहुआ-2 गांव में आग लगने से दो मंजिला मकान जलकर राख हो गया। आग लगने से मकान के छह कमरे और उसके भीतर रखा सामान जलकर राख के ढेर में तब्दील हो गया। गांव के लिए सड़क न होने के कारण यहां अग्निशमन के दमकल वाहन भी नहीं पहुंच पाते हैं। अग्निकांड में करीब 12 लाख रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। घर में आग उस समय लगी जब पूरा परिवार खेत में काम करने में गया था। गांव के लोगों ने उन्हें आग लगने की सूचना दी। दमकल विभाग की टीम के बगैर ही गांव के लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। बताया जा रहा है कि रविवार सुबह गांव के बच्चे पटाखे चला रहे थे। इससे पटाखे की एक चिंगारी मकान के पास रखी सूखी घास के ऊपर गिरी। इससे घास में आग लग गई। आग फैलते हुए मकान तक पहुंच गई। देखते ही देखते मकान में आग लग गई और देखते ही देखते मकान से आग की लपटें उठना शुरू हो गई। इसे देखकर सभी गांववासी वहां इकट्ठा हो गए। सभी लोग अपने घरों से पानी के बर्तन ले आए और उसमें पानी भरकर आग को बुझाना शुरू किया। इसके बाद कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया लेकिन उस समय तक घर में रखा सामान सामान जल चुका था। सहुआ-द्वितीय गांव सड़क सुविधा से नहीं जुड़ा है। इस वजह से यहां पर अग्निशमन विभाग के दमकल वाहन आग जैसी घटनाओं के समय नहीं पहुंच पाते है। यही वजह है कि यहां आग लगने पर उस पर काबू पाना लोगों के लिए मुश्किल हो जाता है। सहुआ-द्वितीय गांव की दूरी चार किलोमीटर है।
प्रभावित परिवार ने रिश्तेदार के घर में ली पनाह
मकान राख होने के बाद जय सिंह पुत्र जगत राम और उसके परिवार ने रिश्तेदार के घर में शरण ली है। जब तक मकान की रिपेयर नहीं हो जाती, उन्हें रिश्तेदार के घर में ही रहना होगा। उन्होंने जिला प्रशासन से जल्द उचित मुुआवजा देने की गुहार लगाई है। ताकि वे अपने घर को दोबारा बना सके।
फौरी राहत के रूप में दिए दस हजार
एसडीएम तीसा हेमचंद वर्मा ने बताया कि सहुआ-द्वितीय गांव में आग लगने से दो मंजिला मकान राख होने का मामला सामने आया है। प्रभावित परिवार को दस हजार रुपये की फौरी राहत दी गई है। पटवारी की रिपोर्ट के आधार पर नुकसान का उचित मुआवजा भी जल्द दिया जाएगा।