अमर उजाला ब्यूरो
खज्जियार (चंबा)। चार पंचायतों के बीस गांव आठ दिनों से अंधेरे में डूबे हुए हैं। मगर बिजली बोर्ड इन गांवों में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाया है। इसके लिए बोर्ड की लापरवाही नजर आ रही है। लोगों ने बताया कि आठ दिनों से अंधेरे में डूबे गांव को रोशन करने के लिए बोर्ड की ओर से अभी तक कोई भी कदम नहीं उठाए गए हैं। इस वजह से ग्रामीणों को ठंड भरी रातें अंधेरे में गुजारनी पड़ रही है। ग्राम पंचायत खज्जियार, रठियार, कोहलड़ी और सिंगी के बीस गांव ऐसे हैं। जहां पर आठ दिनों से अंधेरा पसरा है। लोगों को रात के समय घरों में रोशनी करने के लिए दीया और मोमबती जलानी पड़ रही है। जबकि ठंड से राहत पाने के लिए लोग हीटर का प्रयोग नहीं कर पा रहे हैं। इसकी वजह से लोग सर्दी की ठंडी रातों में ठिठुरने को मजबूर हैं।
ग्रामीण राजेश कुमार, सुरेंद्र, मान सिंह, चेतराम, कमल कुमार, योगेश, हंसराज, जितेंद्र, रजनीश कुमार, कमलेश और योगराज ने बताया कि पंचायतों की बिजली सप्लाई का जिम्मा बोर्ड ने इकलौते स्पेशल फोरमैन के हवाले कर रखा है। उन्होंने कहा कि गांवों में जब भी बिजली सप्लाई गुल होती है, तो लोग उपरोक्त फोरमैन को अपनी समस्या बताते हैं। फोरमैन से लोगों को जवाब मिलता है कि उनके पास स्टाफ की कमी है। बिजली की खराब लाइनों को जल्द ठीक नहीं कर पाएंगे। बिजली की तारों को ठीक करने का कार्य लाइन मैन और टीमेट का होता है। जोकि उनके पास नहीं है। बिजली बोर्ड के एसई संजीव रैना ने बताया कि उनके ध्यान में यह मामला नहीं है। जल्द ही गांवों में बंद पड़ी बिजली सप्लाई को बहाल करवाया जाएगा। इसके साथ ही बिजली बहाल करने में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारी से पूछताछ की जाएगी।