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खज्जियार में कई पंचायतों के आधा दर्जन गांव सड़क सुविधा से महरूम

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अमर उजाला ब्यूरो

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खज्जियार (चंबा)। ग्राम पंचायत खज्जियार, सिंग्गी और कोहलड़ी पंचायतों के अधीन आने वाले आधा दर्जन से अधिक गांव आजादी के बाद भी सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाए हैं। इसकी वजह से ग्रामीणों को रोजाना पांच से छह किमी पैदल सफर तय करना पड़ता है।

ग्रामीणों की दिक्कतें गांवों में अचानक बीमार होने वाले व्यक्ति को स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने में आती हैं। मरीज को पीठ पर लाद कर या पालकी में डालकर अस्पताल पहुंचाना पड़ता है। ऐसे में कई बार तो मरीज स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने से पहले ही दम तोड़ देते हैं। उपरोक्त पंचायतों के अधीन आने वाले गांवों की आबादी पांच सौ के करीब है। ग्रामीणों के मुताबिक वह सभी स्तर पर अपनी मांग रख चुके हैं। मगर आज तक इस संबंध में कोई सुनवाई नहीं हुई है। इसकी वजह से ग्रामीणों में सड़क की आस अब टूटने लगी है। इसको लेकर ग्रामीणों में भारी रोष है।
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ग्रामीण में अमर चंद, धर्म चंद, कर्म चंद, चंद्रेश कुमार, विपिन, रवि कुमार, शंकर, मदनलाल, मनसा राम, बुधिया राम, पृथीपाल, दुनी चंद, हेमराज, अजय कुमार, प्रीतम कुमार, चतर सिंह और भानी प्रसाद ने बताया कि ग्राम पंचायत खज्जियार, कोहलडी और सिंग्गी के तहत आने वाले गांव पुखरी, भलोली, अपर बराला, लिमडारा, खलोटू, रोता, बनगोटु और डिमां अभी तक सड़क सुविधा से अछूते हैं। सड़क न होने से ग्रामीणों को बस सुविधा तो दूर की बात है, बीमार होने पर एंबुलेंस सुविधा तक नहीं मिल पाती है।
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एंबुलेंस सेवा का लाभ लेने के लिए पहले मरीज को पालकी और पीठ पर उठाकर कई किमी पैदल चलना पड़ता है। उन्होंने सरकार और विभाग से मांग की कि उपरोक्त गांव को सड़क से जोड़ा जाए। ताकि लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े। लोनिवि के अधीक्षक अभियंता डलहौजी जेएस गुलेरिया ने बताया कि मार्ग को लेकर ग्रामीणों को प्राथमिकता दी जा रही है। विभाग से जांच पड़ताल करके ग्रामीणों को प्राथमिकता के आधार पर सड़क से जोड़ने के लिए कोशिशें की जाएंगी।

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