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जिले के 240 आंगनबाड़ी केंद्र रहे बंद

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protest - फोटो : demo pics
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अमर उजाला ब्यूरो

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चंबा। जिले में वीरवार को 240 आंगनबाड़ी केंद्रों में ताले लटके रहे। आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहने की वजह आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं का शिमला में धरना प्रदर्शन शामिल होना रहा। इसमें जिले के चुवाड़ी, भरमौर और सलूणी के कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने प्रदर्शन में भाग लिया। इसके चलते आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहे। वहीं दूसरी ओर चंबा, मैहला और तीसा ब्लॉक से कोई भी आंगनबाड़ी केंद्र बंद नहीं रहा। चुवाड़ी, भरमौर और सलूणी से ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने धरने में भाग लिया।

इस दौरान सलूणी परियोजना के 27, भरमौर परियोजना के 63 ओर चुवाड़ी परियोजना के करीब 150 आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहे। गौरतलब है कि आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन संबंधित सीटू ने वीरवार को एक दिवसीय राज्य व्यापी हड़ताल की। इसके तहत शिमला सचिवालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। इस धरने प्रदर्शन में जिला चंबा से चुवाड़ी भरमौर और सलूणी से सैकड़ों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। आंगनबाड़ी वर्करों का कहना है कि यूनियन लगातार सरकार के समक्ष मांगों को उठाती आई है।
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मगर सरकार ने मांगों को गंभीरता से नहीं लिया है। आंगनबाड़ी वर्करों का कहना है कि इस महंगाई के दौर में जो मानदेय आंगनबाड़ी वर्कर को (4400) और हेल्पर को मात्र (2100) रुपये मिलता है इससे परिवार चलाना मुश्किल है।
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आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ताओं का कहना है कि पड़ोसी राज्य पंजाब और हरियसाणा में आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ताओं को अच्छा वेतन मिलता है। मगर प्रदेश सरकार उनके साथ भेदभाव कर रही है। जिला कार्यक्रम अधिकारी चंबा राकेश चौधरी का कहना है कि हड़ताल के चलते चुवाड़ी, सलूणी और भरमौर के करीब 240 आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहे। उन्होंने बताया कि परियोजना चंबा, मैहला और तीसा से कोई भी कार्यकर्ता हड़ताल पर नहीं गई।

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