फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चंबा में खोला जाएगा स्थायी ईसीएचएस अस्पताल

विज्ञापन
hospital - फोटो : demo pics
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो

विज्ञापन

चंबा। चंबा में ईसीएचएस (पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना) के तहत मोबाइल अस्पताल को स्थायी करने की राह खुल गई है। उपायुक्त हरिकेश मीणा की अध्यक्षता में बुधवार को हुई जिला सैनिक बोर्ड की त्रैमासिक बैठक में इसको लेकर उपायुक्त ने सैनिक कल्याण बोर्ड के उपनिदेशक को कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल तभी स्थायी बन पाएगा, जब कम से कम 1200 पूर्व सैनिक योजना के तहत अपना रजिस्ट्रेशन करवाएं। वर्तमान में चंबा शहर के कसाकड़ा मोहल्ले में सैनिक कल्याण बोर्ड के कार्यालय परिसर में मोबाइल अस्पताल संचालित है।

उपायुक्त ने कहा कि मेडिकल कॉलेज चंबा को योजना के तहत संबद्ध करने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। इससे पूर्व सैनिकों को चंबा में ही बेहतर विशेषज्ञ सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध होंगी। उन्होंने सैनिक कल्याण बोर्ड के उपनिदेशक को निर्देश दिए कि इसको लेकर प्रक्रिया शुरू की जाए। उन्होंने कहा कि वह स्वयं इसकी मॉनिटरिंग करेंगे और मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के साथ बात की जाएगी।
विज्ञापन


उन्होंने यह भी बताया कि बनीखेत में सैनिक सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए भूमि स्थानांतरण को जल्द मंजूरी प्रदान की जाएगी। उन्होंने सैनिक कल्याण बोर्ड उपनिदेशक को कहा कि वे जिले के विभिन्न स्थानों में जाकर पूर्व सैनिकों की समस्याओं को लेकर उनके साथ वार्तालाप करते रहे। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों की हरसंभव सहायता की जाएगी।

उपायुक्त ने कहा कि चंबा जिले में करीब 4000 पूर्व सैनिकों की संख्या होना प्रशासन के लिए भी एक बहुत बड़ा सहयोग है। पूर्व सैनिकों के सहयोग और सुझाव को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने पूर्व सैनिकों से कहा कि वह जब भी फील्ड दौरे पर पहुंचेंगे तो वहां के पूर्व सैनिक भी उनके साथ अवश्य मिलें। ताकि क्षेत्र की समस्याओं को लेकर एक बेहतर फीडबैक मिल पाए।

कुछ मामलों में पेंशन ना मिलने या विलंब के मुद्दे पर उपायुक्त ने कहा कि सैनिक अपने सैन्य रिकॉर्ड और आधार कार्ड में दर्ज रिकॉर्ड को एक समान रखें। इसके अलावा सेना की सेवा में रहते हुए अपने परिवार को लेकर भी नोटिफिकेशन करवा लें ताकि पेंशन मिलने में देरी जैसे मामले ना पैदा हो सकें। उन्होंने बताया कि सरकार के नए निर्देशों के मुताबिक पूर्व सैनिक की विवाहित पुत्री भी शिक्षा विभाग में नौकरी पाने के लिए पात्र है। मगर सैनिक के सैन्य रिकॉर्ड में इस बात की पूरी तस्दीक रहे और सैनिक का पारिवारिक रिकॉर्ड पूरा रहना चाहिए।
विज्ञापन


उपायुक्त ने इस बात की जरूरत पर भी बल दिया कि जिले में मौजूद सभी पूर्व सैनिकों का तहसील वार डेटा बेस सैनिक कल्याण बोर्ड के कार्यालय के पास उपलब्ध रहना चाहिए। उसमें प्रत्येक पूर्व सैनिक का मोबाइल नंबर भी शामिल रहे। बैठक के दौरान कुछ पूर्व सैनिकों द्वारा जिले के कई स्थानों पर प्रवासी मजदूरों और फेरी इत्यादि लगाने वालों की संख्या में हो रहे इजाफे पर चिंता व्यक्त की। बैठक में सैनिक कल्याण बोर्ड के उप निदेशक कर्नल जयकरण सिंह के अलावा पूर्व सैनिकों के विभिन्न लीग के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें