चंबा। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तीसा में दवाई की दुकानों में दबिश दी। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग ने 14 दवाओं के सैंपल भरे हैं। इन दवाइयों के सैंपल को जांच के लिए चंडीगढ़ लैब में भेजा जाएगा। जांच में अगर दवाओं के सैंपल में किसी प्रकार की खामी पाई गई तो इस संबंध में कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों की बार-बार मिल रही शिकायतों के बाद यह कार्रवाई अमल में लाई है। यही नहीं जांच में फेल होने पर संबंधित केमिस्ट और दवा निर्माता कंपनी पर विभाग की ओर से एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। गौरतलब हो कि स्वास्थ्य विभाग को लंबे समय से तीसा में दवाईयों को लेकर शिकायतें मिल रही थी। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गुपचुप तरीके तीसा में दबिश दी। केमिस्टों को इसका पता तब चला, जब विभागीय टीम उनकी दुकान में पहुंच गई। टीम ने पेन किल्लर, एंटीबॉयोटिक, जुकाम और बच्चों की बीमारी की दवाओं के 14 सैंपल भरे हैं। इनकी जांच चंडीगढ़ स्थित लैब में होगी। लैब की रिपोर्ट आने पर ही आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने इससे पहले भी जिला भर में इस संबंध में औचक निरीक्षण कर दवाओं के सैंपल भरे हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वाइडी शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तीसा में जाकर दवाईयों की जांच की। ताकि मरीजों को गुणवत्ता वाली दवाइयां मिल सके। उन्होंने कहा कि दवाईयों की जांच का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
तीन केमिस्टों के रिकॉर्ड में अनियमितता
निरीक्षण के दौरान तीन केमिस्टों की दुकानों में दवाईयों के रिकॉर्ड में अनियमितता पाई गई। इसको लेकर असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर धर्मशाला को सूचित किया जाएगा। जहां से संबंधित केमिस्टों को नोटिस जारी होंगे। नोटिस मिलने के बाद केमिस्टों को स्पष्टीकरण देना होगा।
रिपोर्ट आने पर होगी आगामी कार्रवाई: नरेंद्र ठाकुर
ड्रग इंस्पेक्टर नरेंद्र ठाकुर ने बताया कि तीसा से 14 दवाओं के सैंपल भरे गए हैं। जिनकी जांच की रिपोर्ट आने पर ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।